उदयपुर , जुलाई 10 -- अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजीत कुमार ने कहा है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यापक, पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।

अंचल प्रमुख अजीत कुमार ने शुक्रवार को उदयपुर में सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के तहत लागू नयी योजनाओं, रोजगार प्रोत्साहन कार्यक्रमों तथा सदस्य सेवाओं में किए गए व्यापक सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समाहित करके श्रमिक कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक सुधार किये हैं। इसके तहत गत 29 जून को कर्मचारी भविष्य निधि योजना-2026, कर्मचारी पेंशन योजना-2026 और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा (ईडीएलआई) योजना-2026 अधिसूचित की गयी हैं। इनका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और डिजिटल प्रशासन के माध्यम से सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

उन्होंने बताया कि एक जुलाई से 31 अक्टूबर तक विशेष कर्मचारी नामांकन अभियान चलाया जा रहा है, जिससे अब तक ईपीएफ से वंचित पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जायेगा। वहीं एमनेस्टी योजना एवं विश्वास योजना के माध्यम से संस्थानों को अनुपालन संबंधी विवादों के समाधान और लंबित मामलों के निस्तारण का अवसर मिलेगा।

श्री कुमार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं और अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले संस्थानों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। उसके तहत राजस्थान में अब तक 45 हजार से अधिक युवाओं को करीब 21 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी है, जबकि 2,515 संस्थानों को करीब 54 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया है। उन्होंने बताया कि उदयपुर क्षेत्र में भी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। यहां पंजीकृत 4,722 संस्थानों में से 4,095 योजना से जुड़ चुके हैं और 1,062 युवाओं के खातों में करीब 49.21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है।

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