चंडीगढ़ , मई 28 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित जामा मस्जिद में गुरुवार को ईद-उल-अजहा के अवसर पर हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचे। यहां नमाज से पहले जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अजमल खान ने लोगों को संबोधित किया।
मौलाना खान ने शहर और देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि सभी को मोहब्बत और भाईचारे के साथ रहना चाहिए। किसी के मन में किसी के प्रति नफरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ईदी के रूप में लोगों को मोहब्बत का पैगाम दिया।
मौलाना खान ने कहा कि ईद की नमाज के बाद अमन, शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। साथ ही देश की तरक्की और खुशहाली की कामना भी की गई। मस्जिद में हजारों लोगों ने हाथ उठाकर दुआ मांगी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर खुशी साफ नजर आ रही थी। बच्चे नए कपड़ों में सज-धजकर पहुंचे और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई देते नजर आए।
ईद के पर्व पर आज मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर की विभिन्न मस्जिदों में अकीदत के साथ नमाज अदा कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला भी शुरू हुआ। बकरीद के अवसर पर पूरे शहर में खुशनुमा माहौल देखने को मिला।
लोगों ने एक दिन पहले ही बकरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। शहर की अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में तय समय पर नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
जामा मस्जिद सेक्टर-20, नूरानी मस्जिद सेक्टर-26, मदीना मस्जिद सेक्टर-29, ईदगाह मनीमाजरा, ईदगाह बुड़ैल, सेक्टर-25 मस्जिद, मस्जिद अबू बकर नयागांव, मस्जिद मलोया, मस्जिद मलोया मदरसा वाली, मस्जिद उमर नयागांव, फरीदी मस्जिद धनास, मस्जिद रामदरबार, मस्जिद बंगलेवाली सेक्टर-31 और मस्जिद विकास नगर कॉलोनी में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा कर अमन और भाईचारे की दुआ मांगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। मस्जिदों के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी और किसी भी वाहन को बैरिकेड्स के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। संदिग्ध लगने वाले लोगों की जांच भी की जा रही थी।
बकरीद इस्लामी कैलेंडर का अंतिम और पवित्र महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में रोजा रखने का विशेष महत्व है। बकरीद पर अल्लाह की राह में अपनी प्रिय चीज की कुर्बानी देने की परंपरा है। यह पर्व लोगों को आपसी भाईचारे, प्रेम और त्याग का संदेश देता है।
मुस्लिम धर्मगुरुओं के अनुसार, इसी पखवाड़े में हजरत आदम की तौबा कुबूल हुई थी और हजरत इब्राहिम को अल्लाह ने अपना खलील बनाया था। उन्होंने अल्लाह की राह में अपने पुत्र हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने का संकल्प लिया था। इसी घटना की याद में बकरीद मनाई जाती है।
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