नयी दिल्ली , मई 26 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जीएमएडीए) से जुड़े लगभग 32.67 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई 'चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड' (सीआरसीपीएल) और 'राॅयल एस्टेट ग्रुप' के प्रवर्तकों से जुड़े परिसरों पर की गई है।
ईडी के मामले पंजाब पुलिस, एसएएस नगर द्वारा चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आधार पर शुरू किए गए थे। यह प्राथमिकी जीएमएडीए को देने वाली कानूनी देनदारियों को जानबूझकर न चुकाने और पंजाब के एसएएस नगर के गांव कराला में एक आवासीय कॉलोनी परियोजना से जुड़े लगभग 32.67 करोड़ रुपये के चेक बाउंस होने से जुड़ी धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के सिलसिले में है।
ईडी की चंडीगढ़ जोनल ऑफिस की जांच से पता चला कि सीआरसीपीएल पर जीएमएडीए की काफी बकाया देनदारियां थीं, जबकि परियोजना निधि से जुड़ी हुई इकाई और संबंधित पार्टियों के जरिए रूट और डायवर्ट किए गए थे। जांच में आगे संदिग्ध कंपनी में लेन-देन और रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़ी इकाई के जरिए धन का पता चला।
प्रवीण कंसल उर्फ रॉकी, नीरज कंसल, दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली, सुमित बंसल और दूसरे जुड़े हुए लोगों/इकाई से जुड़े घरों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।
मामले की जांच जारी है।
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