बेंगलुरु , सितंबर 10 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन के सिलसिले में कर्नाटक के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली के गोकक स्थित आवास और उनसे जुड़े ठिकानों पर तलाशी जारी रखी।
कर्नाटक और महाराष्ट्र में बुधवार को लगभग 18 जगहों पर शुरू हुई इस तलाशी अभियान की जांच में सतीश जारकीहोली, उनकी बेटी और चिक्कोडी से कांग्रेस सांसद प्रियंका जारकीहोली, उनके बेटे राहुल और कई सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियां शामिल थीं। गौरतलब है कि ईडी विदेशी निवेश और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है, जिसमें अफ्रीका में व्यावसायिक संबंध भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि ईडी के अधिकारी बुधवार देर रात तक जारकीहोली के गोकक आवास पर सुबह करीब 2 बजे तक दस्तावेजों की जांच करते रहे। आवास के बगीचे वाले हिस्से की भी तलाशी ली गई, जबकि अधिकारियों ने जांच के हिस्से के तौर पर रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की पड़ताल की।
बताया जा रहा है कि ये तलाशी संदिग्ध विदेशी निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े फेमा मामले के सिलसिले में की जा रही है। जांचकर्ता वित्तीय लेन-देन और व्यावसायिक सौदों की जांच कर रहे हैं, जिसमें दक्षिण अफ्रीका और अन्य अफ्रीकी देशों से जुड़े निवेश भी शामिल हैं। ईडी ने सतीश जारकीहोली के सहयोगियों और रिश्तेदारों के ठिकानों की भी तलाशी ली, जिनमें राजू दरगशेट्टी, विट्ठल पारसन्नवर, गिरीश सोनवलकर और वाई मंजूनाथ शामिल हैं। कुछ जगहों पर तलाशी पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य जगहों पर अधिकारियों की कार्रवाई जारी है।
एजेंसी तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच कर रही है ताकि पैसे के लेन-देन का पता लगाया जा सके और जांच के दायरे में आए लोगों की भूमिका तय की जा सके। इस तलाशी के कारण बेलगावी और चिक्कोडी के कुछ हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जारकीहोली के समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। समर्थकों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित है और ईडी के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि पुलिस ने इन ठिकानों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान पार्षद और विपक्ष के नेता चलवाडी़ नारायणस्वामी ने कहा कि ईडी कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है और उन्होंने तलाशी और भाजपा के बीच किसी भी संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा, "जो भी काम किया जाना है, वह कानून की सीमाओं के भीतर किया जाना चाहिए।
चाहे हम सत्ता में हों, कांग्रेस सत्ता में हो या कोई अन्य पार्टी सत्ता में हो, कानून को अपना काम करना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार को जाति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और सतीश जारकीहोली को तलाशी के दौरान मिले किसी भी दस्तावेज या सबूत से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा।
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