चेन्नई , जुलाई 14 -- तमिलनाडु में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) विधायक की 35 करोड़ रुपये में खरीद-फरोख्त मामले की धन-शोधन एंगल से जांच शुरू कर दी है।

ईडी के इस कदम से मुख्य विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) मुश्किल में पड़ती दिख रही है।

दूसरी ओर केंद्रीय जांच एजेंसी के इस मामले में दखल देने से द्रमुक के पूर्व मंत्री वी. सेंथिलबालाजी और उनके भाई वी. अशोक कुमार पर शिकंजा कसने की संभावना भी बढ़ गई है। इन दोनों को अन्य लोगों के साथ आरोपी बनाया गया है। यह मामला सत्तारूढ़ टीवीके के विधायक डॉ. एन. इलायाराजा को 35 करोड़ रुपये की रिश्वत का प्रस्ताव देकर पाला बदलने के प्रयास से जुड़ा है।

गौरतलब है कि ईडी ने ग्रेटर चेन्नई सिटी पुलिस से इस मामले से जुड़े कागजातों की कॉपी हासिल कर ली है। पुलिस ने गिरफ्तार संदिग्धों में से एक के पास से 60 लाख रुपये नकद भी जब्त किए थे, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं था। इसके अलावा सिंगापुर के व्यापारी लक्ष्मण पेरुमल के खिलाफ 'लुक आउट सर्कुलर' जारी किया गया है। पेरुमल रिश्वत की साजिश से जुड़े संभावित हवाला नेटवर्क में मुख्य संदिग्ध हैं।

उथांगराई निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले टीवीके विधायक इलायाराजा की शिकायत पर पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। मौजूदा विधायक सेंथिलबालाजी और उनके भाई को इस मामले में सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है।

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