नयी दिल्ली , मई 12 -- प्रवर्तन निदेशालय के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि उसने बड़े पैमाने पर डेयरी उत्पादों में मिलावट मामले में जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक किशन मोदी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।

ईडी के अनुसार, आरोपियों को विधिवत सूचित कर दिया गया था और विशेष न्यायालय ने पूर्व-संज्ञान सुनवाई के बाद अभियोजन पक्ष की शिकायत का संज्ञान लिया।

यह मामला दूध उत्पादों में बड़े पैमाने पर मिलावट से संबंधित है, जिसके बारे में एजेंसी का कहना है कि इसका सार्वजनिक स्वास्थ्य और समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। ईडी ने इस कार्रवाई को मिलावटी डेयरी उत्पादों और धोखाधड़ीपूर्ण निर्यात गतिविधियों से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करने में एक बड़ी सफलता बताया है।

एजेंसी ने हबीबगंज पुलिस स्टेशन और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भोपाल में जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

पीएमएलए के अंतर्गत की गई जांच के दौरान, ईडी ने पाया कि "मिल्क मैजिक" ब्रांड नाम से डेयरी उत्पादों का विपणन करने वाली कंपनी ने कथित रूप से दूध की वसा को ताड़ के तेल और अन्य पदार्थों से बदलकर बड़े पैमाने पर मिलावट की थी।

एजेंसी ने बताया कि ये मिलावटी उत्पाद घरेलू बाजारों में बेचे जाते थे और विदेशों में भी निर्यात किए जाते थे। निर्यात को सुगम बनाने के लिए, प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं द्वारा जारी की गई जाली प्रयोगशाला रिपोर्टों को निर्यात मंजूरी प्राप्त करने के लिए निर्यात निरीक्षण एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता था।

ईडी ने कहा कि संबंधित प्रयोगशालाओं से बाद में किए गए सत्यापन से पुष्टि हुई कि कई रिपोर्टें फर्जी थीं। जांचकर्ताओं ने आगे पाया कि कंपनी ने इन जाली दस्तावेजों का उपयोग करके मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात किया और लगभग 19.69 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की, जिसे विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया।

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