कोलकाता , अप्रैल 19 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार सुबह कोलकाता पुलिस की स्पेशल ब्रांच के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के आवास सहित अन्य जगहों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई जबरन जमीन कब्जाने से जुड़े एक बड़े मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। इस मामले में कई रसूखदार लोगों और बिल्डरों के शामिल होने का शक है।

जांच टीम तड़के साढ़े चार बजे श्री बिस्वास के फर्न रोड स्थित आवास और पास की एक अन्य इमारत में पहुँची। ईडी को शक है कि इस इमारत में उनके कई फ्लैट हो सकते हैं। श्री बिस्वास के अलावा बेहाला इलाके में 'सन एंटरप्राइज' के प्रबंध निदेशक जॉय कामदार के घर पर भी छापे मारे गए।

इससे पहले शुक्रवार को भी ईडी ने इसी घोटाले के सिलसिले में कोलकाता के 'मर्लिन ग्रुप' और 'डीसी पॉल ग्रुप' से जुड़ी कई आवासीय संपत्तियों की तलाशी ली थी।

रविवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। श्री कामदार के घर में प्रवेश पाने के लिए टीम को 40 मिनट इंतजार करना पड़ा, वहीं उपायुक्त की अन्य आवासीय संपत्तियों पर ताले बंद होने के कारण अधिकारियों को करीब डेढ़ घंटे तक बाहर रुकना पड़ा।

ईडी के अनुसार उसकी जांच में श्री बिस्वास का नाम एक कथित अपराधी विश्वजीत पोद्दार उर्फ 'सोना पप्पू' के साथ संदिग्ध लेन-देन में सामने आया है। सोना पप्पू पर हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे 15 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। श्री बिस्वास पहले भी कोयला घोटाले और कालीघाट थाने में तैनाती के दौरान केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ का सामना कर चुके हैं।

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