नयी दिल्ली , अप्रैल 15 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के पट्टा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हुए अवैध कोयला खनन और चोरी के मामले में 159.51 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। ईडी ने बुधवार को यह जानकारी दी है।
जांच में सामने आया है कि अवैध खनन का यह पूरा खेल अनूप माजी उर्फ 'लाला' के नेतृत्व वाले एक गुट द्वारा चलाया जा रहा था। पश्चिम बंगाल की कुछ कंपनियों ने जानबूझकर अवैध रूप से निकाला गया कोयला नकद में खरीदा और इस तरह अपराध से हुई कमाई को जायज दिखाने में मदद की।
जब्त की गई संपत्तियों में श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड और श्याम फेरो अलॉयज लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम पर निवेश किए गए कॉर्पोरेट बॉन्ड और अन्य वित्तीय निवेश शामिल हैं। ये कंपनियां श्याम ग्रुप का हिस्सा हैं, जिसका संचालन संजय अग्रवाल और बृज भूषण अग्रवाल करते हैं।
एक अधिकारी ने बताया, "जांच से पता चला है कि यह गुट अवैध खुदाई और बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी में शामिल था। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से इस कोयले को पश्चिम बंगाल की कई फैक्ट्रियों में भेजा जाता था। इसके लिए 'लाला पैड' नाम की एक अवैध ट्रांसपोर्ट चालान व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता था, जो फर्जी संस्थाओं के नाम पर जारी किया गया एक नकली टैक्स इनवॉइस (बिल) होता था।"काम करने का तरीका कुछ इस तरह था कि फर्जी ट्रांसपोर्ट चालान के साथ ट्रांसपोर्टर को 10 रुपये या 20 रुपये का एक नोट दिया जाता था। ट्रांसपोर्टर उस नोट की फोटो कोयले से लदे ट्रक के नंबर प्लेट के साथ खींचकर गिरोह के संचालक को भेज देता था।
इसके बाद संचालक उस फोटो को व्हाट्सएप के जरिए रास्ते में पड़ने वाले पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी अधिकारियों को भेज देता था। इससे यह सुनिश्चित हो जाता था कि उस ट्रक को रोका न जाए और यदि रोका भी जाए, तो उसे तुरंत छोड़ दिया जाए।
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