मुंबई , अगस्त 02 -- राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में उत्कृष्ट अंक लाने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों को निजी मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण का लाभ न मिलने पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने गहरा रोष जताया है।

पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

सांसद सुप्रिया सुले ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए 'एक्स' पर लिखा, "महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में कई निजी मेडिकल कॉलेज ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मेधावी छात्रों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ देने के बजाय उनसे पूरी ट्यूशन फीस वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में योग्य और होनहार छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है, जिससे उन्हें बेवजह आर्थिक व मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।"सांसद ने 16 अक्टूबर 2025 के उच्चतम न्यायालय के आदेश का जिक्र कर याद दिलाया कि शीर्ष अदालत ने देश भर में ईडब्ल्यूएस प्रवेश प्रक्रिया के लिए एक समान और प्रभावी तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायालय के इस आदेश का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।

सुश्री सुले ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि नीट काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ईडब्ल्यूएस सीटों का स्पष्ट वर्गीकरण करते हुए आधिकारिक अधिसूचना तुरंत जारी की जाए। उन्होंने सरकार से अपील की है कि आवश्यक नीतिगत और प्रशासनिक निर्णय बिना किसी देरी के लिये जायें, ताकि वित्तीय तंगी के कारण किसी भी मेधावी छात्र का डॉक्टर बनने का सपना अधूरा न रहे।

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