श्रीनगर , जनवरी 23 -- जम्मू -कश्मीर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने बडगाम जिले के ओमपोरा क्षेत्र में सरकारी आवास कॉलोनी में एक आवासीय प्लॉट से संबंधित धोखाधड़ी और जालसाजी के कथित मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस स्टेशन ईओडब्ल्यू-कश्मीर में भारतीय दंड़ संहिता (भादस)की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत दर्ज 2023 की प्राथमिकी के संबंध में यह आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया है।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि लिखित शिकायत मिलने पर उन्होंने उक्त भूखंड पर अपना वैध स्वामित्व जताने वाली महिला के दावों की गहन जांच शुरू की।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि हालांकि उसने मूल आवंटिती से प्राप्त वैध पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से संपत्ति हासिल की थी, लेकिन एक अन्य व्यक्ति अलग दस्तावेजों के आधार पर उसी भूखंड पर स्वामित्व का दावा कर रहा था, जिससे धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का संदेह पैदा होता है।
इसके बाद गहन जांच की गई जिसके दौरान शिकायतकर्ता, मूल आवंटनकर्ता सतीश कुमार शर्मा और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि बडगाम के सब रजिस्ट्रार और जम्मू के द्वितीय अतिरिक्त मुंसिफ चतुर्थ सब रजिस्ट्रार के कार्यालयों से आधिकारिक सत्यापन मांगा गया, जिससे यह स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि आरोपी के पक्ष में कथित तौर पर 2010 में निष्पादित अपरिवर्तनीय सामान्य पावर ऑफ अटॉर्नी कभी भी आधिकारिक अभिलेखों में पंजीकृत नहीं थी। मूल आवंटनकर्ता ने स्पष्ट रूप से ऐसे किसी भी दस्तावेज को निष्पादित करने या उसमें उल्लिखित पते पर कभी भी रहने से इनकार किया।
जांच में पता चला कि श्रीनगर के नौगाम बाईपास निवासी आरोपी गुलाम मोहिउद्दीन डार ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके भूखंड पर अपना मालिकाना हक जताया और आगे के लेन-देन किए। जम्मू-कश्मीर आवास विभाग से पुष्टि होने पर शिकायतकर्ता को ही भूखंड का वैध मालिक माना गया।
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