रांची , सितंबर 19 -- झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि आगामी 19 एवं 20 नवम्बर को ईएलसी-2.0 का आयोजन किया जा रहा है।

श्री कुमार ने सभी जिलों में गठित ईलेक्ट्रॉल लीटरेसी क्लब (ईएलसीs) को पुनर्गठित एवं सक्रिय करते हुए निर्धारित प्रारूप के अनुसार कार्यक्रम की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

श्री कुमार ने कहा कि ईएलसी-2.0 का प्रमुख उद्देश्य जिला एवं ग्राम स्तर के साथ-साथ स्कूल एवं कॉलेजों में गठित ईएलसी को सक्रिय कर युवा एवं पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता के रूप में पंजीकरण तथा मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक एवं शिक्षित करना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में ईएलसी की गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने का निर्देश दिया।

श्री कुमार ने कहा कि वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के क्रम में चल रही सुनवाई के दौरान मतदाताओं से एसआईआर के लिए किसी विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जानी है। पहले से उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की जांच करते हुए नियमानुसार स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जा सकता है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि नजरी नक्शे के अनुसार तैयार किए गए मतदान केंद्रों की एक बार पुनः जांच एवं स्थल निरीक्षण कर लिया जाए तथा इसके आधार पर मतदान केंद्रों का अंतिम प्रारूप तैयार किया जाए।

श्री कुमार ने सभी ईआरओ एवं एईआरओ को निर्देश दिया कि बीएलओ के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करें तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि पुनरीक्षण से संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित समीक्षा सह शंका निवारण सत्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में एक भी पात्र भारतीय नागरिक छूटे नहीं एवं एक भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो सके।

प्रश्न:-एक व्यक्ति जिसका जन्म 1934 में हुआ है एवं उनके पास अपना कोई दस्तावेज नहीं है ऐसे में क्या करें?उत्तर- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा ऐसे वृद्ध मतदाताओं का उनके बच्चों अथवा नाती पोते से जो पात्र भारतीय नागरिक है से रिवर्स पैरेंटल लिंकेज करते हुए उनका मतदाता सूची में नाम जुड़वाए।

प्रश्न- यदि कोई महिला मतदाता अपने ससुराल में रह रही है और उसके पास कोई दस्तावेज नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में क्या करें।

उत्तर- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि महिला मतदाताओं के वेरिफिकेशन के लिए उनके माता पिता से मैपिंग ही मान्य है। ऐसे मतदाताओं का यदि वो पात्र भारतीय नागरिक हैं, तो उनके माता पिता अथवा भाई बहन द्वारा मतदात सूची में समर्पित किए जा रहे मान्य दस्तावेजों को संकलित करते हुए ऐसे पात्र भारतीय महिला मतदाताओं का मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाए।

प्रश्न- मतदाताओं द्वारा मुखिया स्तर पर वंशावली समर्पित किए जा रहें है क्या ये मान्य हैं?उत्तर:- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि केवल सक्षम पदाधिकारियों/अंचल अधिकारी के स्तर पर जारी किए हुए वंशावली अथवा किसी प्रकार के पारिवारिक सूची ही मान्य है।

इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के ईआरओ एवं एईआरओ उपस्थित थे।

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