बालोद , फरवरी 20 -- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में 900 कट्टा शासकीय धान से भरे ट्रक की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा आज किया।

जांच में सामने आया कि ट्रक की ईएमआई नहीं चुका पाने के आर्थिक दबाव में ट्रक मालिक ने ही अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी।

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 179 कट्टा धान, घटना में प्रयुक्त ट्रक और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। कार्रवाई योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन, एएसपी मोनिका ठाकुर के निर्देशन और एसडीओपी बोनीफास एक्का के पर्यवेक्षण में गठित विशेष टीम द्वारा की गई।

पुलिस के अनुसार, 16 जनवरी को ट्रक में 900 कट्टा धान लदा था, ग्राम मालीघोरी से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ले जाया गया। बाद में ट्रक दमकसा बड़भूम में लावारिस हालत में मिला, जबकि उसमें से 280 कट्टा शासकीय धान गायब था। इस संबंध में थाना बालोद में धारा 316(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।

जांच के दौरान साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को चिन्हित किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी नेतराम देवांगन ने स्वीकार किया कि उसके पास दो ट्रक हैं और फाइनेंस कंपनी की किश्त नहीं चुका पाने के कारण उस पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। इसी दबाव से उबरने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर धान चोरी की योजना बनाई।

आरोपियों ने घटना से पहले तीन दिनों तक मालीघोरी धर्मकांटा के आसपास रेकी की। घटना के दिन ट्रक में चाबी लगी देख दो आरोपी उसे लेकर निकल गए। अन्य दो आरोपी अपने निजी ट्रक के साथ पहुंचे। चोरी किए गए ट्रक को झलमला-रानीमाई मार्ग से दमकसा ले जाया गया, जहां 900 कट्टा में से 280 कट्टा धान दूसरे ट्रक में शिफ्ट कर लिया गया।

आरोपियों ने शासकीय बारदानों में भरे धान की पहचान छिपाने के लिए धान को स्थानीय बोरों में भरकर ग्राम कंगलूटोला स्थित ससुराल में छिपा दिया। सरकारी बारदाने रास्ते में फेंक दिए गए और ट्रक में लगे जीपीआरएस सिस्टम को तोड़कर नष्ट कर दिया गया, ताकि कोई तकनीकी सुराग न मिल सके।

पुलिस ने ग्राम कोरगुडा निवासी नेतराम देवांगन (37), काशीराम देवांगन (32), तरुण उर्वसा उर्फ लल्ला (25) और धर्मेंद्र धनकर (27) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर 179 कट्टा धान, घटना में प्रयुक्त ट्रक और मोटरसाइकिल जब्त की गई है। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

मामले की पतासाजी, गिरफ्तारी और बरामदगी में थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा सहित थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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