भुवनेश्वर , मार्च 27 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी) में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने के केंद्र सरकार के फैसले की सराहना की है और इसे 'समय पर उठाया गया साहसिक' कदम बताते हुए कहा कि इससे देशभर के आम उपभोक्ताओं और व्यवसायों को काफी लाभ होगा।
श्री प्रधान ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता के बीच सरकार के इन कदमों की व्यापक रूप से सराहना की जा रही है। उत्पाद शुल्क में इस कटौती से विशेष रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों, आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों को सहायता मिलेगी, जिससे अंततः मुद्रास्फीति (महंगाई) को नियंत्रित करने और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण उपाय को लागू करने के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए रसोई गैस आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक बढ़ाने के सरकार के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने जोर दिया कि इस रणनीतिक कदम से स्टील, सीमेंट, रसायन और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नयी ऊर्जा आयेगी तथा श्रम-प्रधान उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों के बीच देश की आर्थिक गतिशीलता बनी रहेगी।
श्री प्रधान ने डीजल और विमानन ईंधन (एटीएफ) पर निर्यात शुल्क लगाने के मोदी सरकार के फैसले पर कहा कि यह ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों पर भारत के ध्यान का स्पष्ट प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर के देश ऊर्जा संकट और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का संतुलित और मजबूत नेतृत्व देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है और अपने लोगों के कल्याण को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने देश के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की भी सराहना की और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने तथा राष्ट्र के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
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