इस्लामाबाद , अप्रैल 11 -- अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मेजबानी में चल रही ऐतिहासिक सीधी वार्ता का पहला चरण शनिवार रात को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। पहले चक्र की बातचीत से दोनों पक्षों के बीच गतिरोध टूटने और सकारात्मक रूख अपनाने का संकेत मिला है।

इस संबंध में आ रही कई मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गयी है। मध्यस्थता के करीबी सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने आमने-सामने की विस्तृत चर्चा पूरी कर ली है और अब समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया जा रहा है।

इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आज दिन भर चली बातचीत के दौरान जिन बिंदुओं पर सहमति बनी है, उन पर दोनों पक्ष पूरी तरह एकमत हैं। लिखित मसौदों के इस आदान-प्रदान को वार्ता की सफलता की दिशा में एक बड़ा और औपचारिक कदम माना जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण वार्ता की संवेदनशीलता का अंदाजा दोनों पक्षों के भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडलों से लगाया जा सकता है। ईरानी पक्ष का नेतृत्व वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ कर रहे हैं, जिनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची और 71 सदस्यीय एक विशाल दल मौजूद है। इस दल में अनुभवी वार्ताकारों के अलावा तकनीकी विशेषज्ञ और मीडिया प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

वहीं, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ इस चर्चा में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

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