नयी दिल्ली , सितंबर 16 -- सरकार ने इस्पात उद्योग की मजबूती और जहाज पुनर्चक्रण से प्राप्त स्टील के उपयोग को बढ़ाने के लिए मौजूदा नियमों की समीक्षा की है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई संयुक्त बैठक में जहाजों के पुनर्चक्रण से प्राप्त द्वितीयक इस्पात के उपयोग की समीक्षा की गयी। बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय मानक ब्यूरो, गुजरात समुद्री बोर्ड और शिप रिसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
बैठक में जहाजों से प्राप्त पुनर्चक्रित इस्पात के उपयोग को अतिरिक्त क्षेत्रों तक विस्तार देने के उपायों पर चर्चा की गयी, ताकि जहाज पुनर्चक्रण से मूल्य सृजन बढ़ाने के साथ भारत की दुनिया के अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण केंद्र के रूप में स्थिति को मजबूत किया जा सके।
इस मत्वपूर्ण बैठक में परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, घरेलू इस्पात विनिर्माण को समर्थन देने तथा जहाज पुनर्चक्रण उद्योग में टिकाऊपन और दक्षता के वैश्विक मानक कायम रखने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी गयी।
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