प्रयागराज , सितंबर 5 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इस्कॉन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव भव्य और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। इस्कॉन की ओर से एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया।

सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी और शाम होते-होते पूरा परिसर भक्तों से भर गया। श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर श्रीराधा-कृष्ण के दर्शन करते रहे। मंदिर परिसर को विभिन्न प्रकार के फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और जन्म प्रसंग पर आधारित झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।

इस दौरान भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए। जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' भी इस्कॉन मंदिर पहुंचे। उन्होंने मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का पूजन-अर्चन कर दर्शन किए। जन्मोत्सव में शामिल होने के बाद उन्होंने भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। उनके मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

जन्माष्टमी महोत्सव का मुख्य आकर्षण मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव रहा। रात 12 बजे जैसे ही जन्म का समय हुआ, शंख और घंटियों की ध्वनि के बीच 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंज उठे। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में झूम उठे।

इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस दिव्य आयोजन के साक्षी बनकर भगवान के दर्शन किए। मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म के समय गूंजे जयकारों और मंदिर परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

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