भिवानी , सितंबर 09 -- हरियाणा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की भिवानी जिला कमेटी ने केंद्र सरकार द्वारा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के निजीकरण के कदम की निंदा करते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है।
माकपा जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान और रिमोट सेंसिंग जैसे क्षेत्रों में इसरो का योगदान देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे आत्मनिर्भर संस्थान का निजीकरण राष्ट्रीय महत्व के मामलों में निजी क्षेत्र पर अनावश्यक निर्भरता बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र के चेयरमैन पवन गोयनका की यह टिप्पणी कि इसरो अब प्रक्षेपण यान नहीं बनाएगा, सात दशकों में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित अंतरिक्ष अनुसंधान के बुनियादी ढांचे को निजी कंपनियों को सौंपने की योजना को उजागर करती है।
श्री ओमप्रकाश ने कहा कि यह बदलाव इंडियन स्पेस पॉलिसी-2023 का हिस्सा है, जिसने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी उद्यमों के लिए खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लागत-प्रभावशीलता के नाम पर सार्वजनिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण क्षमताओं को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण पर संसदीय स्थायी समिति ने मार्च 2026 में अपनी रिपोर्ट में बिना पारदर्शिता और जवाबदेही के सार्वजनिक संपत्तियों को निजी संस्थाओं को सौंपने पर चिंता जताई थी।
उन्होंने कहा कि इसरो स्टाफ एसोसिएशन की संयुक्त कार्य समिति द्वारा उठाई गई राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का इसरो का स्पष्टीकरण समाधान नहीं करता। माकपा रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और कर्मचारियों के साथ खड़ी है तथा इसरो के निजीकरण के सभी प्रयासों का विरोध करेगी।
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