गौतमबुद्धनगर , सितंबर 05 -- इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर और जनपद गाजियाबाद के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों एवं अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
शनिवार को गाजियाबाद उप रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, निखलेश राजन ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि सभी संबंधित सोसायटियों के अध्यक्ष, सचिव एवं प्रबंधक बोर्ड को निर्देशित किया है कि उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति तत्काल सोसायटी के मुख्य नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाए।
यह कार्रवाई रिट याचिका-सी संख्या 31784/2026, एल्डिको आमंत्रण अपार्टमेन्ट ऑनर्स एसोसिएशन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में इलाहाबाद उच्च न्यायालय, द्वारा 12 अगस्त 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में की जा रही है।
उन्होंने बताया कि केवल नोटिस बोर्ड पर आदेश की प्रति लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और एओए को अपने अपार्टमेंट स्वामियों, निर्वाचित सदस्यों तथा प्रबंधन बोर्ड को भी न्यायालय के आदेश और उससे संबंधित विषयों की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
आदेश को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सोसायटी के व्यक्तिगत अपार्टमेंट स्वामियों, निर्वाचित सदस्यों, प्रबंधन बोर्ड, जनहित से जुड़े व्यक्तियों तथा सोसायटी प्रबंधन से परिचित संगठनों को न्यायालय के समक्ष विचाराधीन मुद्दों की जानकारी मिल सके। इसके साथ ही इच्छुक व्यक्ति और संगठन न्यायालय के समक्ष अपने सुझाव एवं टिप्पणियां प्रस्तुत कर सकेंगे।
निर्देशों के अंतर्गत इच्छुक व्यक्ति अथवा संगठन अपने सुझाव और टिप्पणियां गाजियाबाद उप रजिस्ट्रार के माध्यम से भेज सकते हैं। इसके अलावा इन्हें उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (अनुपालन) को सीधे संबोधित किया जा सकता है। संबंधित पक्ष न्यायालय में हस्तक्षेप के लिए आवेदन के माध्यम से भी अपनी बात रख सकते हैं।
सभी संबंधित ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के अध्यक्ष, सचिव एवं प्रबंधन बोर्ड को आदेश की प्रति नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने के बाद इसकी फोटो सहित अनुपालन आख्या सात कार्य दिवस के भीतर उप रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, गाजियाबाद के कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
इससे प्रशासन यह सुनिश्चित कर सकेगा कि उच्च न्यायालय के आदेश की जानकारी संबंधित सोसायटियों के निवासियों और प्रबंधन तक पहुंच गई है तथा आदेश का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुपालन किया गया है।
उप रजिस्ट्रार निखलेश राजन ने स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। आदेश की अनदेखी अथवा अनुपालन में लापरवाही की स्थिति में न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित एसोसिएशन की प्रबंधन समिति को जिम्मेदार माना जाएगा।
प्रशासन के इस निर्देश के बाद गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों एवं एओए प्रबंधन समितियों के लिए आदेश को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना और निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य हो गया है।
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