बगदाद , जुलाई 05 -- इराकी मंत्रिमंडल ने ऊर्जा से जुड़े कई शुरुआती समझौतों को मंज़ूरी दी है जिनमें सरकारी कंपनी 'बसरा ऑयल कंपनी' और अमेरिकी ऊर्जा कंपनी 'शेवरॉन', कतर की 'यूसीसी' और अमेरिका की 'कैपिटल टीआई' के संघ के बीच रणनीतिक तेल पाइपलाइन परियोजना के लिए समझौता भी शामिल है।
इराकी सरकार के बयान का हवाला देते हुए स्थानीय मीडिया ने रविवार को बताया कि मंत्रिमंडल ने बसरा ऑयल कंपनी को संघ के साथ 'समझौते के प्रमुख बिंदु' और 'गोपनीय समझौता' पर हस्ताक्षर करने की मंज़ूरी प्रदान की है। इसका उद्देश्य दक्षिणी और उत्तरी इराक को जोड़ने वाले अहम पाइपलाइन कॉरिडोर और पड़ोसी देशों से होकर गुज़रने वाले निर्यात मार्ग से जुड़े उन्नत अध्ययन को आगे बढ़ाना है।
प्रस्तावित परियोजना में बसरा-हदीथा-किरकुक-सेहान मार्ग और बसरा-हदीथा-बानियास कॉरिडोर शामिल हैं। इन दोनों को इराक के तेल परिवहन एवं निर्यात अवसंरचना को मज़बूत करने के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है। यह संघ प्रस्तावित मार्गों की तुलना करते हुए तकनीकी एवं आर्थिक व्यावहार्यता अध्ययन तैयार करेगा जिनमें बसरा-हदीथा-किरकुक-सेहान और बसरा-हदीथा-बानियास कॉरिडोर शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने कहा कि इन समझौतों से इराक के तेल मंत्रालय पर कोई अंतिम वित्तीय या अनुबंध संबंधी दायित्व नहीं आएगा।
मंत्रिमंडल ने बसरा-हदीथा ऑयल पाइपलाइन परियोजना के लिए केबीआर के साथ कंसल्टेंसी सेवा अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए बसरा ऑयल कंपनी को भी मंज़ूरी दे दी। इसके अलावा इसने शेवरॉन के साथ तेल मंत्रालय, बसरा ऑयल कंपनी और नॉर्थ ऑयल कंपनी से जुड़े अलग-अलग समझौतों को मंज़ूरी दी। इनमें अग्रिम भुगतान समझौता, कच्चे तेल की आपूर्ति समझौता और भविष्य में उत्पादन बढ़ाने में मदद करने के लिए गारंटी पत्र शामिल हैं।
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