कोलकाता , अगस्त 25 -- बोरोप्लस नवरत्न और झंडू जैसे ब्रांड के पर्सनल केयर उत्पादों का कारोबार करने वाली कंपनी इमामी के चेयरमैन राधेश्याम गोयनका ने मंगलवार को कहा कि कंपनी लगभग पूरी तरह ऋण मुक्त स्थिति में है और आगे निवेश के साहसिक निर्णय करने में सक्षम है।

उन्होंने देश के पर्सनल केयर और हेल्थकेयर उत्पादों के बाजार में उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं और रुचि में आ रहे बदलावों का जिक्र करते हुए आज कहा कि उनका समूह उपभोक्ताओं के विश्वास, मजबूत ब्रांड इक्विटी और वित्तीय अनुशासन की ठोस नींव पर खड़ा है।

श्री गोयनका ने कंपनी की 43वीं वार्षिक बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष के दौरान शेयर पूंजी पर प्रतिफल (आरओई) लगभग 30 प्रतिशत रहा। चेयरमैन ने इसे समूह के कारोबारी मॉडल की अंतर्निहित पूंजी दक्षता बताया।

31 मार्च 2026 को इमामी का ऋण-इक्विटी अनुपात केवल 0.04 गुना था और शुद्ध नकदी बचत 883 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा, "इसका अर्थ है कि हम लगभग पूरी तरह ऋण-मुक्त स्थिति में हैं। यह वित्तीय मजबूती हमें भविष्य में साहसिक निवेश करने में सक्षम बनाती है, साथ ही हर पूंजी आवंटन निर्णय में अनुशासन और सावधानी बनाये रखने की क्षमता देती है।"उन्होंने हुए कहा कि इमामी के पोर्टफोलियो में 25 से अधिक ब्रांड और 1,000 से अधिक उत्पाद हैं, जो पूरे भारत में 7.1 करोड़ से अधिक उपभोक्ता परिवारों तक पहुंचते हैं। कंपनी का नेटवर्क भारत में 54 लाख से अधिक रिटेल आउटलेट्स तक फैला हुआ है और दुनिया भर के 70 से अधिक देशों में हमारी मौजूदगी है।

उन्होंने कहा, 'दुनिया में कहीं न कहीं हर दिन, हर सेकंड 140 से अधिक इमामी उत्पाद बेचे जाते हैं। ये आंकड़े हमारे ब्रांडों की स्थायी मजबूती, पूंजी के अनुशासित आवंटन और उपभोक्ताओं तथा शेयरधारकों की पीढ़ियों से मिले विश्वास को दर्शाती हैं।"उन्होंने कहा कि भारत में उपभोक्ताओं के चयन और उपभोग के तरीकों में बदलाव आ रहे हैं। लोगों की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं। पसंद अधिक विविध हो रही हैं और पारंपरिक तथा नये विकल्पों के बीच की सीमाएं तेजी से बदल रही हैं।

पर्सनल केयर और हेल्थकेयर क्षेत्र में रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं बनाने वाले उद्योग में भी गहरा बदलाव हो रहा है। उपभोक्ता अब केवल बुनियादी उपयोगिता से आगे बढ़कर ऐसे उत्पाद चाहते हैं, जो प्रभावशीलता, विश्वास, सुविधा और सार्थक अनुभव प्रदान करें।

इस पृष्ठभूमि में कंपनी के वर्ष 2025-26 के कारोबार को मजबूत और अनुशासित बताते हुए श्री गोयनका ने कहा कि कंपनी के घरेलू कारोबार ने अपने विविधतापूर्ण पोर्टफोलियो और लगातार उपभोक्ता जुड़ाव के बल पर वृद्धि दर्ज की है। वर्ष के दौरान कंपनी का समेकित राजस्व लगभग 3,779 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा। टॉलकम और घमौरी पाउडर की बिक्री पहली और चौथी तिमाही में मौसम संबंधी व्यवधानों के कारण प्रभावित हुआ था।

उन्होंने कहा कि बाहरी दबावों के बावजूद कंपनी ने परिचालन में अनुशासन, पोर्टफोलियो प्रबंधन और लागत दक्षता के माध्यम से लाभप्रदता को सुरक्षित रखा। वर्ष के दौरान कंपनी का परिचालन लाभ 964 करोड़ रुपये, परिचालन मार्जिन 25.5 प्रतिशत रही और उसने कर पश्चात लाभ 20.5 प्रतिशत मार्जिन के साथ 775 करोड़ रुपये दर्ज किया। कंपनी के बोर्ड ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 1000 प्रतिशत की दर से 10 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया।

इससे शेयरधारकों को कुल 436.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

श्री गोयनका ने नवरत्न, बोरोप्लस, ज़ंडू, केश किंग, डर्मिकूल और स्मार्ट एंड हैंडसम जैसे ब्रांड को इमामी के मजबूत पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

उन्होंने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इमामी का समेकित राजस्व 15 प्रतिशत बढ़कर 1,039 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान घरेलू कारोबार में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई और तुलनीय आधार पर भी वृद्धि 12 प्रतिशत की दर से मजबूत रही।

इस दौरान कंपनी के संगठित चैनलों में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई और घरेलू कारोबार में इनका योगदान 32 प्रतिशत रहा।

क्विक कामर्स अब इमामी की कुल ई-कामर्स चैनल की बिक्री का 35 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है।

उन्होंने कहा, 'यह हमारे डिजिटल और चैनल निवेशों के महत्व को स्पष्ट करता है तथा यह बताता है कि उपभोक्ता जहां भी हमारे उत्पादों को खोजते और खरीदते हैं, हमें वहां उपस्थित रहना चाहिए।"चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और पैकेजिंग लागत में लगातार महंगाई के कारण सकल मार्जिन पर दबाव पड़ा।

इसके बावजूद एबिडटा (परिचालन) लाभ छह प्रतिशत की वृद्धि के साथ 226 करोड़ रुपये और कर पूर्व लाभ चार प्रतिशत बढ़कर 195 रुपये करोड़ हुआ। यह हमारे बिजनेस मॉडल की मजबूती और लागत प्रबंधन के अनुशासन को दर्शाता है।

कंपनी में इस समय 5,400 से अधिक कर्मचारी और श्रमिक हैं और उन पर पिछले वित्त वर्ष में खर्च 479 करोड़ रुपये रहा। कंपनी में 88 प्रतिशत कर्मचारी पुराने हैं।

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी अनुकूल कारोबार की दिशा में प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 2021-22 के बाद से कंपनी की ऊर्जा खपत में 21 प्रतिशत और प्रति इकाई उत्पाद की ऊर्जा गहनता में 26 प्रतिशत की कमी की है।

इसी अवधि में पानी की खपत में 53 प्रतिशत की कमी आयी है। कंपनी की ऊर्जा आवश्यकताओं का 21 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आता है।

टिकाऊ पैकेजिंग, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, जिम्मेदार सोर्सिंग और उत्पादनकर्ता की अतिरिक्त जिम्मेदारी के अनुपालन के क्षेत्र में प्रयास बढ़ाते हुए कंपनी ने सभी परिचालनों में प्लास्टिक तटस्थता बनाये रखी और 7,500 टन से अधिक प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण किया।

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