चेन्नई , मई 22 -- भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने पात्र निजी संस्थानों से पीएसएलवी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किये हैं।

इन-स्पेस भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के तहत काम करने वाली स्वतंत्र एजेंसी है, जो निजी कंपनियों की अंतरिक्ष से जुड़ी सभी गतिविधियों को संभालती है और देश में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में उसके चार चरणों वाले पोलर सैटेलाइट लॉन्च ह्वीकल (पीएसएलवी) ने एक बेहद बहुमुखी और भरोसेमंद रॉकेट के रूप में खुद को स्थापित किया है। इसके नाम कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहक पेलोड को विभिन्न कक्षाओं में सफलतापूर्वक तैनात करने का एक प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड है।

बढ़ती वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था और लॉन्चिंग की फ्रीक्वेंसी को काफी हद तक बढ़ाने की रणनीतिक जरूरत का संज्ञान लेते हुए इन-स्पेस ने एक उपयुक्त निजी भारतीय उद्योग से लॉन्च व्हीकल के शुरू से अंत तक निर्माण, संचालन और व्यावसायीकरण के लिए पीएसएलवी के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की पहल की है।

इसका उद्देश्य उन सक्षम भारतीय उद्योगों को जोड़ना है, जिनके पास शुरू से अंत तक पूरी जिम्मेदारी से कई क्षेत्रों की विशेषज्ञता वाली बड़ी परियोजनाएं संभालने का अनुभव हैं और जो दुनिया के मध्यम वजन वाले उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पीएसएलवी की इस प्रमाणित तकनीक को अपनाने और व्यावसायिक प्रक्षेपण सेवाएं देने के इच्छुक हैं।

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