इटावा , सितंबर 7 -- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सोमवार तड़के आगरा-कानपुर हाईवे पर दिल्ली से राठ जा रही डबल डेकर बस में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। बस में सवार करीब 40 यात्रियों ने समय रहते नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। हादसे में यात्रियों का लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।
पुलिस के अनुसार, घटना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में सिया देवी मेमोरियल अस्पताल के सामने सुबह करीब चार बजे हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बस में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बस से उतरने का पर्याप्त समय भी मुश्किल से मिल सका।
यात्रियों के मुताबिक, बस दिल्ली से रात करीब नौ बजे राठ के लिए रवाना हुई थी। रास्ते में एक ढाबे पर खाना खाने के बाद बस दोबारा चली। कुछ दूर जाने के बाद यात्रियों को बस के पिछले हिस्से से आग लगने और जलने का एहसास हुआ। चालक-परिचालक ने यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा। यात्रियों के बस से उतरते ही आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
सूचना मिलने पर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में क्रेन की मदद से जली बस को हाईवे से हटाकर किनारे खड़ा कराया गया। यात्रियों को दूसरी बसों के जरिए उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की गई।
हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन यात्रियों का सामान जलकर नष्ट हो गया। कई यात्रियों ने अपने पास सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान होने की बात कही है। यात्री पिंकी ने बताया कि वह अपने पति के इलाज के सिलसिले में दिल्ली गई थी और आग में उसका पूरा सामान तथा इलाज से जुड़े जरूरी दस्तावेज जल गए। उसने करीब दो लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान बताया।
यात्रियों ने बस के चालक और परिचालक पर आग लगने के बाद मौके से चले जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आग लगने के दौरान उन्हें अपने सामान को बचाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला और बड़ी मात्रा में सामान जल गया। यात्रियों ने चालक और परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
इटावा के सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बस में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जिन यात्रियों का सामान जला है, यदि वे प्रार्थना पत्र देते हैं तो उनकी शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर चालक और परिचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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