इटावा , अगस्त 28 -- उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के भरथना कस्बे में शुक्रवार सुबह कार के अंदर सरकारी शिक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान संजीव यादव (38) के रूप में हुई है। वह महोबा में तैनात अपर जिलाधिकारी सुखबीर सिंह यादव के भाई थे। रक्षाबंधन के दिन शिक्षक की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कार के भीतर शिक्षक का शव बरामद हुआ है। प्रारंभिक तौर पर मौत करीब 24 से 48 घंटे पहले होने का अनुमान है। घटना की सूचना मिलने पर फॉरेंसिक टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस के अनुसार, संजीव यादव पुत्र सुमित नारायण ग्राम पेंतुआ, थाना अछल्दा, जनपद औरैया के निवासी थे। वह प्राथमिक विद्यालय चिमकुनी, अछल्दा में शिक्षक के पद पर तैनात थे। बताया गया है कि करीब तीन वर्षों से भरथना कस्बे के स्टेशन रोड स्थित एक किराये के कमरे में रह रहे थे और प्रतिदिन कार से विद्यालय जाते थे।
परिजनों के मुताबिक, संजीव की पत्नी संध्या और बेटी उनकी पढ़ाई के चलते इटावा में रहती थीं। शुक्रवार को भरथना में मिल में खड़ी उनकी कार के अंदर उनका शव मिला। शव मिलने की सूचना से मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
मृतक के भाई सुखबीर सिंह यादव महोबा जिले में अपर जिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वह इटावा पहुंचे और पोस्टमार्टम केंद्र पर मौजूद रहे। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और उन्हें अपने भाई की मौत को लेकर किसी पर कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। संजीव यादव की मौत को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। कुछ लोगों के अनुसार वह कभी-कभी अपनी कार में बैठकर शराब पीते थे, हालांकि उनकी मौत का इससे कोई संबंध है या नहीं, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
रक्षाबंधन के दिन हुई इस घटना से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। पत्नी, बेटी, बहन, माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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