इटावा , मई 7 -- उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित केंद्रीय कारागार में चोरी के मामले में बंद एक विचाराधीन बंदी की गुरुवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने बंदी की तबीयत बिगड़ने से मौत होने की बात कही है, जबकि परिजनों ने जेल के भीतर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। मध्यप्रदेश के भिंड जिले के उमरी थाना क्षेत्र के ग्राम अकोड़ा निवासी संजय शर्मा (45) पुत्र नाथूराम शर्मा पिछले कुछ समय से भिंड कोतवाली क्षेत्र की मीरा कॉलोनी में अकेले रह रहे थे। बताया गया है कि उनकी पत्नी का आठ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है और उनकी तीन बेटियां प्रज्ञा, गुंजन और सलोनी हैं।

जानकारी के अनुसार संजय शर्मा को बीती 4 अप्रैल को पछायगांव पुलिस ने चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह इटावा केंद्रीय कारागार में बंद थे। गुरुवार सुबह उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन का कहना है कि संजय शर्मा की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

वहीं मृतक की बड़ी बेटी प्रज्ञा शर्मा ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने अपने पिता का शव देखा तो उनकी नाक और कान फटे हुए थे तथा खून बह रहा था, जिससे प्रतीत होता है कि उनके साथ जेल के भीतर मारपीट की गई।

परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने बुधवार शाम करीब पांच बजे ही संजय शर्मा को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया था, लेकिन इसकी जानकारी परिवार को नहीं दी गई। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे फोन पर मौत की सूचना दी गई। स्वजन ने जेल प्रशासन पर लापरवाही और क्रूरता का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में गंभीर चूक हुई है।

परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

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