इटावा , मई 31 -- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की भाई मेडिकल यूनिवर्सिटी में तैनात संविदा महिला कर्मी ओर उसके सहयोगी को अपने ही अपहरण के षड्यंत्र के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

इटावा के पुलिस अधीक्षक क्राइम संदीप सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में पुलिस लाइन में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 26 मई को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के महिला संविदा कर्मी सरिता यादव ने अपने ही अपहरण किए जाने की घटना को लेकर के इटावा के लवेदी थाने में एक प्राथमिक की पिता पुत्र समेत दर्ज कराई थी।

प्रारंभिक तौर पर महिला के अपहरण की कहानी पुलिस को संदिग्ध प्रतीत हुई लेकिन इसके बावजूद भी महिला के आरोपी को लेकर के पुलिस ने गहनता से जांच करने के साथ ही करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की पड़ताल की।

उन्होंने बताया कि अपहरण की झूठी एफआईआर दर्ज कराने के मामले में महिला संविदा कर्मी सरिता यादव और उसके सहयोगी अमरपाल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि इटावा जिले के सैफई इलाके के नगला सेव गांव की रहने वाली सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की संविदा कर्मी सरिता यादव ने थाना लवेदी पर सूचना दी गयी कि 26 मई की शाम को मेडिकल कॉलेज सैफई से ड्यूटी कर वापस जाते समय ज्ञानपाल उसकी बीबी प्रीति ,वीटू,उसके पिता विमलेश कुमार तथा दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे बहला-फुसलाकर वाहन में बैठा लिया गया तथा कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया गया। उसे थाना लवेदी क्षेत्रान्तर्गत एक सुनसान स्थान पर छोड़कर चले गये। स्थानीय व्यक्तियों की सूचना दिए जाने पर पुलिस ने उसे उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सरिता की शिकायत पर धारा 123/127(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया ।

महिला के अपहरण की घटना को लेकर के ऑपरेशन त्रिनेत्र के अन्तर्गत इटावा में स्थापित सीसीटीवी कैमरों, इलेक्ट्रॉनिक एवं भौतिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण तथा मैनुअल सत्यापन के आधार पर घटना की गहन जांच के दौरान घटना के समय नामित आरोपियों की उपस्थिती घटनास्थल पर नही पाई गई तथा यह तथ्य प्रकाश में आया कि सरिता एवं नामजद व्यक्तियों के मध्य पूर्व से परिचय एवं लेन-देन सम्बन्धी विवाद चला आ रहा था। इसी विवाद के कारण नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय में भी वाद विचाराधीन/प्रचलित था।

विवेचना के दौरान संकलित तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण से महिला के बताये गये घटनाक्रम की पुष्टि नहीं हुई। सरिता ने योजनाबद्ध तरीके से नामजद व्यक्तियों को झूठे अभियोग में फंसाने के उद्देश्य से मिथ्या सूचना दी गयी थी।

पुलिस जांच में अमरपाल निवासी गौरा दयालपुर थाना चौबिया, इटावा की भूमिका प्रकाश में आयी।

प्राप्त साक्ष्यों से ज्ञात हुआ कि अमरपाल एवं सरिता की आपसी सहमति एवं पूर्व नियोजित योजना के तहत घटना का मिथ्या स्वरूप तैयार किया गया ।

अपहरण के कथित आरोपी ज्ञानपाल, प्रीति, वीटू ओर विमलेश कुमार के विरुद्ध लगाए गये आरोपों की पुष्टि नहीं हुई ।

अमरपाल यादव शामला मन्दिर के पास खडा है । सूचना पर तत्काल पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अमरपाल यादव को ददौरा शामला मन्दिर के पास से पकड़ लिया गया । महिला सरिता को सैफई से गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ एवं विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों से यह तथ्य प्रकाश में आया कि नामजद व्यक्तियों के साथ चल रहे आपसी विवाद एवं मुकदमेबाजी के कारण उन्हें कानूनी परेशानी में डालने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से मिथ्या साक्ष्य गढ़कर पुलिस को भ्रामक सूचना दी गयी थी तथा झूठा अभियोग पंजीकृत कराया गया था। घटना के सम्बन्ध में प्रस्तुत तथ्यों एवं वास्तविक परिस्थितियों में पर्याप्त विरोधाभास पाए जाने पर की गयी गहन जांच में प्रकरण का सफल अनावरण किया गया।

महिला के कथित अपहरण के मामले के खुलासे में महिला ने किसी कार का जिक्र एक कार का किया गया, जो सीसीटीवी फुटेज में कहीं पर भी नहीं दिखाई दी है महिला के कथित अपहरण की घटना मे वास्तव में बाइक का भी इस्तेमाल किया गया है।

अपने ही अपहरण के कथित मामले के खुलासा होने पर अपहरण की सूचना देने वाली महिला और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है जबकि कथित अपहरण की घटना में इस्तेमाल की गई बाइक को बाइक को दिया गया है।

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