रोम , अक्टूबर 08 -- इटली की संसद ने अगले वर्ष होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के समर्थन वाली चुनाव प्रणाली में व्यापक बदलावों को मंजूरी दे दी है।

सांसदों ने 227 के मुकाबले 164 मतों से पूरी तरह आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली अपनाने के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। सुश्री मेलोनी का कहना है कि इससे स्पष्ट बहुमत मिलने और अधिक स्थिर सरकार बनने की संभावना बढ़ेगी।

विपक्षी दलों का आरोप है कि सुश्री मेलोनी के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन ने सत्ता में बने रहने की संभावना बढ़ाने के लिए इन बदलावों को तैयार किया है। गुरुवार को हुई तीखी बहस के दौरान विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए 'धोखाधड़ीपूर्ण' सुधार को जल्दबाजी में पारित कराने का आरोप लगाया।

सुश्री मेलोनी ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रस्ताव खारिज हुआ तो वह इस्तीफा देकर समय से पहले चुनाव करा सकती हैं। गुप्त मतदान को उनकी नेतृत्व क्षमता की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था।

सुश्री मेलोनी के गठबंधन ने 2022 में सत्ता में आने के बाद से इटली में अपेक्षाकृत लंबी राजनीतिक स्थिरता कायम रखी है। पिछले महीने उनकी सरकार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देश की सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गयी।

प्रस्तावित चुनाव सुधार के तहत देश मौजूदा मिश्रित चुनाव प्रणाली से हट जाएगा। वर्तमान व्यवस्था में करीब एक तिहाई सांसदों का चुनाव सीधे सबसे अधिक मत पाने वाले उम्मीदवार के आधार पर होता है, जबकि बाकी सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व के जरिए भरी जाती हैं।

चुनाव सुधार के तहत गठबंधन बनाने वाले दलों को आम चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के लिए अपना संयुक्त उम्मीदवार और साझा राजनीतिक कार्यक्रम घोषित करना होगा। जिस पार्टी या गठबंधन को सबसे अधिक मत मिलेंगे, उसे बशर्ते उसका मत प्रतिशत 42 प्रतिशत से अधिक हो, संसद में 105 अतिरिक्त सीटें दी जाएंगी। इनमें निचले सदन की 70 और सीनेट की 35 सीटें शामिल हैं। इससे मामूली अंतर से मिली जीत भी अधिक आरामदायक बहुमत में बदल सकती है।

मतदान से पहले हुई बहस के दौरान मध्य-वामपंथी सांसदों ने 'धोखाधड़ी को ना' और 'धोखाधड़ीपूर्ण कानून' जैसे नारों वाली तख्तियां दिखाईं तथा सरकार पर नयी चुनाव व्यवस्था को जबरन लागू करने का आरोप लगाया।

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