तेल अवीव , सितंबर 06 -- इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) और इजरायल पुलिस ने रविवार को घोषणा की कि जॉर्डन सीमा से लगे दक्षिणी शहर इलात और आसपास की अरावा घाटी में सोमवार से बड़े पैमाने पर पूर्व निर्धारित सैन्य अभ्यास किया जाएगा।
आईडीएफ के 80वें डिवीजन के नेतृत्व में होने वाले इस अभ्यास के दौरान आने वाले दिनों में क्षेत्र में सुरक्षा बलों, विमानों और नौसैनिक जहाजों की आवाजाही बढ़ेगी।
सेना के अनुसार, अभ्यास में अचानक हमले तथा हवाई, समुद्री और जमीनी रास्तों से इजरायली क्षेत्र में घुसपैठ समेत कई जटिल और गंभीर परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया जाएगा। इसमें जॉर्डन सीमा और इलात के आसपास के समुदायों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आईडीएफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अयाल जमीर के निर्देशन में होने वाले जनरल स्टाफ के इस आकस्मिक अभ्यास को "ब्रेकिंग डॉन 2.0" नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य सेना के मुख्यालयों, कमान स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया और विभिन्न मोर्चों पर तेजी से बल तैनात करने की क्षमता का आकलन करना है।
अभ्यास के तहत क्षेत्रीय कमानों, विभिन्न सैन्य शाखाओं और निदेशालयों के वरिष्ठ कमांडरों को बुलाया गया है। इसके अलावा त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार बलों को सक्रिय किया गया है और रिजर्व बलों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जमीर ने सेना के भूमिगत सर्वोच्च कमान केंद्र और अग्रिम मोर्चे के ठिकानों से अभ्यास का निरीक्षण किया।
जमीर ने कहा, "हम आगामी त्योहारों की अवधि के लिए तैयारी कर रहे हैं।" उन्होंने यहूदी नववर्ष रोश हशाना का जिक्र किया, जो 12 और 13 सितंबर को मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेना युद्ध से लगातार सबक ले रही है और "पूरे आईडीएफ की मूल स्थिति किसी भी आकस्मिक हमले के लिए तैयार रहना है।"आईडीएफ ने कहा कि अभ्यास में सैनिकों की तैयारियों तथा क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए हवाई और नौसैनिक क्षमताओं के इस्तेमाल की भी जांच की जाएगी।
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