यरूशलम , अप्रैल 17 -- इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज का कहना है कि इस्लामी आतंकवादी समूह हिज्बुल्लाह के साथ 10 दिनों का जो संघर्ष विराम समझौता हुआ है वह 'अस्थायी' है।

श्री काट्ज ने कहा, "इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) उन सभी क्षेत्रों पर अपना कब्जा बनाए रखेगा जिस पर उसने जीत दर्ज की है और जिन पर कब्जा किया है।" उन्होंने कहा, "लेबनान में जमीनी कार्रवाई और पूरे लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ किए गए हमलों से कई सफलताएं मिली हैं लेकिन वे अभी पूरी नहीं हुई हैं।"श्री काट्ज ने कहा, "हम लेबनान के अंदर हिज्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध के बीच में हैं, जिसमें एक अस्थायी रोक और 10-दिवसीय संघर्ष विराम शामिल है।"उन्होंने जोर देकर कहा, "हमने जो लक्ष्य निर्धारित किए थे-सैन्य या कूटनीतिक माध्यमों से हिजबुल्लाह के हथियारों को खत्म करना वह इस अभियान का उद्देश्य था और बना रहेगा।" उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इजरायल 'प्रतिबद्ध' है।

उन्होंने कहा, "फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति की सीधी भागीदारी और इस लक्ष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के माध्यम से एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक दबाव भी बनाया गया है, साथ ही लेबनानी सरकार पर भी दबाव डाला जा रहा है।"अमेरिका की मध्यस्थता से हुए इस संघर्ष विराम के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लेबनान और इजरायल के बीच सीधी बातचीत की वकालत की है, जो ईरान के साथ अमेरिका के 12 दिवसीय नाजुक संघर्ष विराम में भी एक प्रमुख अड़चन बनी हुई है।

श्री काट्ज ने आईडीएफ की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि 1,700 से अधिक हिज्बुल्लाह लड़ाके मारे गए हैं और सीमा पर स्थित बफर जोन को हिज्बुल्लाह के गुर्गों और लेबनानी निवासियों दोनों से खाली करा लिया गया है।

उन्होंने कहा, "आतंकवादी बुनियादी ढांचे को साफ करने का काम जारी रहेगा, जिसमें लेबनान के सीमावर्ती गांवों में उन घरों को नष्ट करना भी शामिल है जो आतंकवादियों के ठिकाने बन गए थे।"उन्होंने स्वीकार किया कि दक्षिणी लेबनान में बनाया गया नया सुरक्षा क्षेत्र जो लिटानी नदी तक फैला हुआ है वहां अभी भी कई सशस्त्र आतंकवादी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि लेबनान और इजरायल इस मुद्दे को कूटनीतिक रूप से हल करने का प्रयास करेंगे, अन्यथा सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो जाएगी।

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