लखनऊ , अप्रैल 05 -- अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर तनावपूर्ण हालात के बीच उत्तर प्रदेश के 6000 से अधिक श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शमुंगा सुंदरम ने कहा कि यदि कोई श्रमिक भारत लौटना चाहता है, तो उसके लिए जॉर्डन के रास्ते वापसी की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकती है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर वापसी की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर रही है। नियमित रूप से इजराइल स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं। दूतावास से प्राप्त जानकारी के अनुसार वहां मौजूद सभी भारतीय श्रमिक, जिनमें उत्तर प्रदेश के श्रमिक भी शामिल हैं, सुरक्षित हैं और फिलहाल किसी भी तरह की आपात स्थिति की सूचना नहीं है।
उन्होंने कहा कि इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह के साथ निरंतर संवाद के जरिए श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। हाल के अपडेट में राजदूत ने स्पष्ट किया है कि सभी भारतीय श्रमिक सुरक्षित हैं। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सामान्य चिंता का माहौल है, लेकिन किसी भी श्रमिक की ओर से भारत लौटने की विशेष मांग सामने नहीं आई है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि दूतावास की प्रथम सचिव डॉ. गरिका तेजेश्वर ने भी पुष्टि की है कि अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। साथ ही इजराइल की पॉपुलेशन एंड इमिग्रेशन अथॉरिटी का कॉल सेंटर भी सक्रिय है, जहां विभिन्न भाषाओं में सहायता दी जा रही है।
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