चंडीगढ़ , मई 30 -- हरियाणा के सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश सरकार की इच्छाशक्ति की कमी के कारण न विकास कार्यों को गति मिल रही है और न ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को नशा, अपराध और बेरोजगारी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में काम करना होगा।
कुमारी सैलजा ने शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि सिरसा के विकास में रेल संपर्क महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रयासों से सिरसा को बड़ी रेल लाइन, केंद्रीय विद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र जैसी सुविधाएं मिलीं। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग वह कई बार संसद में उठा चुकी हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। रेलवे भूमि को पट्टे पर दिए जाने और निजीकरण के मुद्दे पर सैलजा ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे रेलवे के निजीकरण की ओर बढ़ रही है। उनका मानना है कि रेलवे की खाली भूमि का उपयोग सरकारी संस्थानों और कौशल विकास केंद्रों के लिए किया जाना चाहिए, जिससे युवाओं को लाभ मिल सके।
कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध, गैंगवार, लूट, हत्या, रंगदारी और नशे की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में विफल रही है। नशे की समस्या पर उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयास ही नहीं, बल्कि जनसहयोग भी आवश्यक है। जब तक सरकार इसे मिशन के रूप में नहीं लेगी, तब तक प्रदेश को नशामुक्त नहीं बनाया जा सकता।
कांग्रेस के सांसद ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों, सफाई व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि सरकार घोषणाएं तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं देते। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और उससे बचा नहीं जा सकता। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर पूछे गए सवाल के जवाब में सैलजा ने कहा कि आयोग को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से काम करने की जरूरत है। अपने राजनीतिक जीवन पर उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति विरासत में मिली है और जनसेवा ही उनके जीवन का मूल उद्देश्य है।
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