सहारनपुर , मई 20 -- कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के हस्तक्षेप और लगातार दबाव के बाद शांति भंग के आरोप में जेल भेजे गए पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप समेत छह लोगों को बुधवार को रिहा कर दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने मांगेराम कश्यप, अनुज कश्यप, अजय कश्यप, तेजपाल कश्यप, सतपाल कश्यप और शीशपाल कश्यप की जमानत मंजूर करते हुए उनकी रिहाई के आदेश जारी किए। जेल से बाहर आने पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कश्यप समाज और समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सभी का फूलमालाओं से स्वागत किया।

थाना सदर बाजार पुलिस ने मंगलवार को डीआईजी कार्यालय के बाहर से इन सभी लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस का आरोप था कि वे सड़क जाम कर रहे थे। हालांकि सांसद इकरा हसन ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने और भय का माहौल बनाने की कार्रवाई बताया।

जानकारी के अनुसार मामला शामली जिले के थाना कांधला क्षेत्र के गांव जसाला का है, जहां 21 अप्रैल को मोनू कश्यप नामक युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में रेलवे लाइन के पास मिला था। बाद में मेरठ के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था।

पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप ने आरोप लगाया कि शुरू में पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताकर कार्रवाई नहीं की, लेकिन कश्यप समाज के दबाव के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव बनाने के लिए पुलिस ने कुछ लोगों के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार और समाज के लोगों के साथ डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने गई थीं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

इकरा हसन ने आरोप लगाया कि डीआईजी कार्यालय के बाहर खड़े लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद छह लोगों का शांति भंग में चालान कर जेल भेज दिया गया। जब यह जानकारी समाजवादी पार्टी नेताओं और समर्थकों को मिली तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाना सदर बाजार पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। करीब पांच घंटे तक चले धरने के बाद प्रशासन ने गिरफ्तार लोगों को रिहा करने का आश्वासन दिया।

देर रात सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने धरनास्थल पहुंचकर बताया कि सभी छह लोगों को बुधवार सुबह रिहा कर दिया जाएगा। इसके बाद धरना समाप्त हुआ। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

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