जयपुर , मई 22 -- राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उच्च न्यायालय के प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनाव आगामी 31 जुलाई तक संपन्न कराने के आदेश का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया हैं।

श्री जूली ने शुक्रवार को अपने बयान में इसे लोकतंत्र और कांग्रेस पार्टी के संघर्ष की एक ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि इस फैसले से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता पूरी तरह बेनकाब हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर जनता के बीच जाने से लगातार भाग रही थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर चुनाव टालने की साजिश रची थी, क्योंकि उन्हें पता है कि जनता उनके कुशासन का जवाब देने के लिए तैयार बैठी है लेकिन न्यायालय के इस डंडे ने सरकार के इरादों पर पानी फेर दिया है और आज प्रदेश की जनता की जीत हुई है।

उन्होंने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर पिछले करीब ढाई सालों में प्रदेश को पूरी तरह विकास विहीन कर कर देने का आरोप लगाते हुए कहा कि धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और जनकल्याणकारी योजनाएं ठप पड़ी हैं। यही वजह है कि भाजपा के नेताओं में गांवों और कस्बों में जाने की हिम्मत नहीं बची और अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गांवों में जाकर लोगों के गुस्से को शांत करने की कोशिशों में लगे गए हैं।

श्री जूली ने कहा कि भाजपा ने चुनाव टालने का प्रयास किया था लेकिन न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब सरकार को मुंह की खानी पड़ी है।

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