उज्जैन , जुलाई 22 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की नानाखेड़ा थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम के माध्यम से हनीट्रैप कर युवक का अपहरण करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले अंतरजिला संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ग्राम नरवर निवासी हैदर पटेल ने 20 जुलाई को नानाखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि इंस्टाग्राम पर अंजली नामक युवती ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे संपर्क किया और मिलने के लिए बुलाया। वहां पहले से मौजूद मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा और उसके साथियों ने उसका कथित रूप से अपहरण कर मारपीट की तथा आपत्तिजनक वीडियो बनाकर झूठे मामले में फंसाने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पीड़ित के परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी, जो बाद में 26 लाख रुपये में तय हुई। आरोप है कि गिरोह ने पीड़ित के पिता से 10 लाख रुपये प्राप्त करने के बाद युवक को छोड़ दिया और शेष 16 लाख रुपये की मांग करता रहा।
इस संबंध में नानाखेड़ा थाने में अपराध क्रमांक 353/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद गठित पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र, साइबर तकनीकी विश्लेषण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जिन्हें हाल ही में बड़ी धनराशि मिली हो या जिन्हें आसानी से हनीट्रैप में फंसाया जा सके। पुलिस के अनुसार सहआरोपी इदरीश पटेल ने फरियादी की इंस्टाग्राम आईडी और आर्थिक स्थिति संबंधी जानकारी गिरोह को उपलब्ध कराई थी। इसके बाद महिला आरोपी अंजली ठाकुर ने इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क कर योजनाबद्ध तरीके से उसे जाल में फंसाया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा सहित राजपाल सिंह राठौड़, पंकज बमोरिया, यशवंत देवड़ा, आर्यन राठौर, लखन पंवार, इदरीश पटेल, इमरान पटेल, जयसिंह चौहान और आयुष जाटवा को गिरफ्तार किया है। जबकि दीपक राजपूत और अंजली ठाकुर फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है तथा आरोपियों की अन्य आपराधिक गतिविधियों, आपराधिक रिकॉर्ड, अवैध रूप से अर्जित संपत्ति और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जांच की जा रही है।
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