बैतूल , जून 29 -- सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती ने मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में विवाह का रूप ले लिया। उत्तराखंड की 19 वर्षीय युवती करीब 1200 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने प्रेमी के पास पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को सामाजिक एवं वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के बिजनौर जिले के नजीबाबाद निवासी राधिका उर्फ रिमझिम की करीब पांच माह पहले बैतूल जिले के पाढर क्षेत्र के चोबराढाना गांव निवासी 24 वर्षीय सागर बामने से इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने पर उन्होंने विवाह का निर्णय लिया।

बताया गया कि राधिका के बुलाने पर सागर हरिद्वार पहुंचा और 10 मई को दोनों बैतूल आ गए। अगले दिन 11 मई को दोनों ने बैतूल स्थित आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया।

इस बीच युवती के घर से लापता होने पर परिजनों ने बिजनौर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उसे नाबालिग बताया गया। जांच के दौरान उत्तराखंड पुलिस बैतूल पहुंची और दोनों को अपने साथ ले गई।

सुनवाई के दौरान राधिका ने अपने माता-पिता के साथ जाने से इनकार करते हुए अपनी स्कूल की अंकसूची प्रस्तुत की, जिसमें उसकी आयु 19 वर्ष दर्ज थी। दस्तावेजों के आधार पर उसके बालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस और न्यायालय ने आर्य समाज में संपन्न विवाह को वैध माना तथा उसे सागर और उसके परिवार के साथ जाने की अनुमति दे दी।

करीब 15 दिन की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों बैतूल लौटे। इसके बाद सागर के परिवार ने सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह कराने का निर्णय लिया। रविवार को वैवाहिक रस्में संपन्न हुईं और सोमवार को दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए।

विवाह समारोह में राधिका के पिता बबलू भारद्वाज और चाचा नीतू कुमार भारद्वाज भी पहुंचे तथा कन्यादान कर नवदंपती को आशीर्वाद दिया। इस तरह सोशल मीडिया पर शुरू हुई प्रेम कहानी परिवारों की सहमति और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विवाह के सुखद परिणति तक पहुंच गई।

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