बीजापुर , मई 21 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अत्यंत दुर्गम और अंदरुनी क्षेत्र नूगुर तथा उसके आश्रित गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग शिविर आयोजित कर 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य टीम ने जटिल भौगोलिक परिस्थितियों और इंद्रावती नदी पार कर ग्रामीणों तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत ग्राम नूगुर, हिंगमेटा और हुर्रागवाली में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। शिविर में स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, स्वास्थ्य शिक्षा तथा शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गयीं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को उप स्वास्थ्य केंद्र नूगुर तक पहुंचने के लिए लगभग दो किलोमीटर चौड़ी इंद्रावती नदी पार करनी पड़ी। नूगुर क्षेत्र विकासखंड मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित है और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव तथा दुर्गम परिस्थितियों के कारण सरकारी योजनाओं की पहुंच से दूर रहा है।
अभियान में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर दीपक कुमार देवांगन, सेक्टर सुपरवाइजर के.पी. बीरवंश, अतुल कुशवाह, राजू पुंगेठी, रीता फुलमादरी, दीप्ति खेस, आकृति भगत तथा मनोरमा तोकल सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पहले ग्रामीण स्वास्थ्य जांच और बच्चों के टीकाकरण से दूरी बनाते थे लेकिन अब लोग स्वयं आगे आकर जांच करा रहे हैं तथा बच्चों का नियमित टीकाकरण भी करवा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भरोसा बढ़ा है।
शिविर के दौरान ग्राम नूगुर में 207, हिंगमेटा में 125 तथा हुर्रागवाली में 310 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। कुल 232 लोगों की गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) स्क्रीनिंग की गई, जबकि बुखार और त्वचा संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों का भी उपचार किया गया। मरीजों को आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया तथा गंभीर मरीजों को आगे उपचार के लिए परामर्श दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि अंदरूनी क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीम की नियमित पहुंच से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ रही है और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद मजबूत हो रही है।
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