नयी दिल्ली , अप्रैल 28 -- दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय द्वारा 'समन्वय 2026' का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने संस्थान की गौरवशाली विरासत और भविष्य के नवप्रवर्तकों और उत्कृष्ट प्रतिभाओं को गढ़ने में इसकी स्थायी भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला शिक्षा और सशक्तिकरण के दृष्टिकोण के साथ अपनी बात रखते हुए, उन्होंने महिलाओं की बदलती भूमिका और तेजी से बदलती दुनिया में 'क्रिटिकल थिंकिंग' के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को अनुकूलनशील, समाधानोन्मुख और अपने मूल्यों से जुड़े रहकर समाज में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृतिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती प्रासंगिकता और भविष्य के पथ पर इसके क्रांतिकारी प्रभाव को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. पूनम कुमरिया ने महाविद्यालय की मजबूत शैक्षणिक नींव, विभिन्न सहयोगों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 आधारित पहलों और नवाचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सततता को परिसर के जीवन का एक अभिन्न अंग बताया और छात्र कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा समावेशी शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता जैसी महत्वपूर्ण पहलों का भी उल्लेख किया।
इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण महाविद्यालय की नवीन आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ रहा। वेबसाइट को सुगमता के साथ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित