जांजगीर-चांपा , अगस्त 28 -- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से मध्यप्रदेश के इंदौर क्षेत्र में रोजी-रोटी के लिए गए एक परिवार की तीन मासूम बेटियों की संदिग्ध खाद्य विषाक्तता के बाद मौत हो गई। परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत खाना खाने के बाद बिगड़ी थी। दो बच्चियों ने बेटमा क्षेत्र में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी बच्ची की इटारसी के अस्पताल में मौत हो गई। बच्चियों के माता-पिता का इटारसी के अस्पताल में उपचार चल रहा है।

आज मिली जानकारी के अनुसार मूलतः जांजगीर-चांपा जिले के मुरलीडीह (अकलतरा) थाना क्षेत्र के ग्राम मुलमुला निवासी नरेन्द्र सिंह सांडे इंदौर के समीप पीथमपुर स्थित एल एंड टी कंपनी में रेडियल मशीन ऑपरेटर का काम करते हैं। वे पत्नी अमरोतिन और तीन बेटियों आशी (10), विशुका (08) और विधि (06) के साथ लाइफ सिटी कॉलोनी, काली बिल्लोद (थाना बेटमा) में निवास कर रहे थे।

पुलिस और परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक 23 अगस्त की शाम पूरे परिवार ने पिज्जा खाया था। उसी रात परिवार अपने पारिवारिक मित्र संजय सोलंकी के घर भोजन करने गया, जहां उन्होंने दाल-बाटी खायी। इसके बाद परिवार के पांचों सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई।

विशुका और विधि की हालत अधिक खराब होने पर उन्हें रात करीब तीन बजे लाइफ सिटी के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बावजूद 25 अगस्त की रात दोनों बच्चियों की मौत हो गई।

दो बेटियों की मौत के बाद माता-पिता बिना पोस्टमार्टम कराए उनके शवों को एम्बुलेंस से लेकर अपने पैतृक गांव मुरलीडीह के लिए रवाना हुए। रास्ते में बड़ी बेटी आशी की हालत भी अचानक गंभीर हो गई। इसके बाद एम्बुलेंस को इटारसी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान आशी ने भी दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलने पर इटारसी पुलिस ने अस्पताल में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की।

बच्चियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और बिसरा सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे। पुलिस बेटमा स्थित परिवार के घर से खाने-पीने की वस्तुओं और पानी के नमूने लेकर भी जांच कर रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों की तबीयत आखिर किस खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद बिगड़ी।

नरेन्द्र और अमरोतिन का इटारसी के अस्पताल में उपचार चल रहा है। बच्चियों की मां अमारोतिन के अनुसार परिवार ने 23 अगस्त की रात करीब दो बजे दाल, चावल और रोटी-सब्जी खायी थी। प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह फूड पॉइजनिंग मानी जा रही है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि किस खाद्य पदार्थ के सेवन से परिवार इसकी चपेट में आया।

थाना प्रभारी बेटमा रंजीत बघेल के मुताबिक पूरे परिवार के लोगों ने 23 अगस्त की शाम को पिज्जा खाया था, इसके बाद वे अपने पारिवारिक मित्र के घर भोज पर भी गए थे। 24 अगस्त को इनकी तबीयत बिगड़ी, जबकि मेजबान का परिवार स्वस्थ है। पिज्जा से ही फूड पॉइजनिंग की आशंका है। दो बच्चियों की मौत 25 अगस्त की रात हुई जबकि तीसरी की मौत 26 अगस्त को हुई। बिसरा सैंपल व अन्य जांच की जा रही है।

वहीं थाना प्रभारी इटारसी सौरभ पांडेय के मुताबिक पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि खाना खाने के बाद ही तीनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गया था। जरूरी होने पर बिसरा जांच भी कराई जाएगी।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम, बिसरा और खाद्य एवं पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही तीनों बच्चियों की मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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