यमुनानगर , अक्टूबर 13 -- मध्यप्रदेश में इंदौर के स्वच्छता मॉडल के अध्ययन के बाद यमुनानगर-जगाधरी की सफाई व्यवस्था में सुधार की तैयारी की जा रही है।

मेयर सुमन बहमनी, नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद, सहायक अभियंता सुरेंद्र दहिया और मुख्य सफाई निरीक्षक सहित 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इंदौर का दौरा कर कल वापस लौट आया है। अब इंदौर में अपनाए जा रहे सफाई प्रबंधन के तरीकों को यमुनानगर-जगाधरी में लागू करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल के नेतृत्व में सेवा संकल्प अभियान के तहत गए प्रतिनिधिमंडल में कुरुक्षेत्र, कैथल और रादौर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न नगर निकायों के प्रतिनिधि शामिल थे। दौरे का उद्देश्य इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और नागरिकों की भागीदारी से जुड़े प्रभावी तरीकों को समझना था।

प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर दौरे के दौरान कचरे के संग्रहण एवं निस्तारण, स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता, सफाई व्यवस्था की निगरानी और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अध्ययन किया। साथ ही यह समझने का प्रयास किया गया कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी से स्वच्छता अभियान को किस तरह प्रभावी बनाया जा सकता है।

श्री बहमनी ने कहा कि दौरे से मिली जानकारी के आधार पर नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार किया जाएगा। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कचरे के पृथक्करण, नियमित निगरानी, वैज्ञानिक निस्तारण और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इंदौर के अनुभवों को स्थानीय स्तर पर अपनाने से शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इन तरीकों को लागू करने के लिए नगर निगम को शहर की मौजूदा व्यवस्थाओं और जरूरतों के अनुसार योजना तैयार करनी होगी।

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