नागदा (उज्जैन) , जून 17 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के विकास की परिकल्पना में नागदा, धार और रतलाम को भी शामिल किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।

डॉ. यादव ने आज उज्जैन जिले के नागदा स्थित श्री बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा एवं ध्वज पूजा महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन, इंदौर और आसपास के जिलों में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण हुआ और पांच सौ वर्षों का संघर्ष पूर्ण हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से चित्रकूट धाम का विकास कर रही है तथा जिन स्थानों पर भगवान श्रीराम के चरण पड़े, उन्हें श्रीराम वन गमन पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को भी श्रीकृष्ण पाथेय योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। उन्होंने श्री बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्रीवाल और पेयजल सहित सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें 10 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये प्रतिमाह सहायता देने की भी योजना है।

कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने कहा कि विश्व कल्याण और शांति के लिए आज पूरी दुनिया सनातन धर्म की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। उन्होंने श्री बालाजी धाम में निर्मित मंदिर की सराहना की। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विभिन्न जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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