भोपाल , मार्च 18 -- मध्यप्रदेश के इंदौर में आज तड़के इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग प्वाइंट में हुए विस्फोट के कारण हुए एक भीषण हादसे में सात लोगों की मृत्यु के मामले को एक नई प्रकार की चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने घटना की व्यवस्थित जांच के निर्देश दिए हैं।
डॉ यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना से नई चुनौती सामने आई है। इसकी गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को व्यवस्थित जांच के निर्देश दिए हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने एवं जागरूकता की दिशा में हम कार्य करेंगे।
इस हादसे में डिजिटल लॉक के कारण घर में लोगों के बंद हो जाने और इसी के चलते आग की चपेट में आ जाने की खबरों के बीच डॉ यादव ने कहा कि डिजिटल लॉक जैसी सुविधाओं का उपयोग हमारी आवश्यकता है, लेकिन इसके साथ सतर्कता और सावधानी भी जरूरी है।
इसके पहले सुबह घटना स्थल पर पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी हादसे के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करते हुए कहा था कि अधिकारियों से घटना की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' बनाया जा सके। इसकी पूरी जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कहा था कि ऐसे समय में जब देश में बहुत से लोग वाहन के लिए ईवी की ओर जा रहे हैं, तब अगर ये हादसा ईवी चार्जिंग प्वाइंट के कारण हुआ है, तो ये अलार्मिंग है।
बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान एक ईवी कार चार्जिंग में लगी हुई थी। हादसा ईवी चार्जिंग प्वाइंट में विस्फोट के कारण हुआ। इसी बीच हादसे का शिकार बने मकान में कई प्रकार के रसायन और गैस सिलेंडर भी बड़ी संख्या में रखे होने की बात सामने आ रही है। इन्हीं सभी पहलुओं के कारण आग तेजी से फैली। इसी बीच घर के दरवाजों में लगे डिजिटल लॉक भी आग के कारण खुल नहीं पाए और घर के निवासी आग की चपेट में आ गए।
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