देहरादून , जून 25 -- उत्तराखंड में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, अनुसंधान और डेटा-संचालित शासन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (बीआईपीपी) और उत्तराखंड सरकार के बीच बुधवार देर शाम एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एमओयू का आदान-प्रदान भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी की निदेशक डॉ. आरुषि जैन और राज्य सरकार के प्रमुख सचिव (योजना) डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम के बीच हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन भी मौजूद थे। डॉ. जैन के साथ संस्थान में साझेदारी प्रमुख सौभाग्य समल भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग, योजना विभाग के अतिरिक्त सचिव नरेंद्र सिंह भंडारी, नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार अन्ना रॉय तथा सेतु आयोग, अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक डॉ. मनोज कुमार पंत शामिल थे।

इस साझेदारी के तहत भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी, सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (सीपीपीजीजी) के लिए शोध एवं ज्ञान साझेदार के रूप में कार्य करेगा। संस्थान साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, निगरानी एवं मूल्यांकन, डेटा-आधारित शासन, जलवायु अनुकूलन, वन अर्थव्यवस्था, क्षमता निर्माण, नेतृत्व विकास तथा अनुप्रयुक्त नीति अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार को सहयोग प्रदान करेगा।

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