नयी दिल्ली , अगस्त 03 -- अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आयाटा) के पूर्व महानिदेशक विली वॉल्श ने सोमवार को प्रमुख भारतीय विमान सेवा कंपनी इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्यभार संभाल लिया।

श्री वॉल्श ने ऐसे समय में कार्यभार संभाला है जब इंडिगो चार अगस्त को परिचालन के 20 साल पूरे करके तीसरे दशक में कदम रख रही है। वैश्विक विमानन उद्योग में चार दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्री वॉल्श को कंपनी ने इस साल मार्च में सीईओ नियुक्त करने की घोषणा की थी।

इंडिगो के तत्कालीन सीईओ पीटर एल्बर्स के इस साल नौ मार्च को निजी कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने के बाद उनकी नियुक्ति की घोषणा की गयी थी। इस बीच अंतरिम व्यवस्था के तहत कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया एयलाइंस के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

इंडिगो की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कंपनी के निदेशकमंडल और प्रबंधन टीम के साथ मिलकर श्री वॉल्श इंडिगो की मजबूत परिचालन नींव को और सुदृढ़ करेंगे। साथ ही वे कंपनी की रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाते हुए ग्राहकों, शेयरधारकों और अन्य सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने पर ध्यान देंगे।

श्री भाटिया ने विली वॉल्श की नियुक्ति पर कहा कि विमानन उद्योग में उनका व्यापक वैश्विक अनुभव, परिचालन और रणनीतिक विशेषज्ञता इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में कंपनी वैश्विक विमानन क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगी तथा भारतीय विमानन उद्योग के निरंतर विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

आयटा प्रमुख के पद से 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले श्री वॉल्श ने कहा कि पिछले दो दशकों में इंडिगो ने एक शानदार विरासत बनायी है और बहुत कम समय में दुनिया की सबसे बड़ी एयरलाइनों में अपनी जगह बनायी है। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में से एक बन चुका है। ऐसे में इंडिगो के सामने अपार संभावनाएं हैं।

श्री वॉल्श ने अपने करियर की शुरुआत एयर लिंगस में पायलट के रूप में की थी। वह वर्ष 2001 में उसी एयरलाइंस के सीईओ बने। आयटा में आने से पहले वह ब्रिटिश एयरवेज (2005-2011) और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (2011-2020) के सीईओ भी रहे।

इंडिगो ने चार अगस्त 2006 में परिचालन की शुरुआत की थी। पहले साल में 15 गंतव्यों से बढ़कर 20 साल में कंपनी ने 140 गंतव्यों तक अपना विस्तार कर लिया है। इसमें 95 घरेलू और 40 अंतरराष्ट्रीय गंतव्य हैं। यात्री संख्या के लिहाज से वह देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी है जिसकी बाजार हिस्सेदारी अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में 65 प्रतिशत से अधिक रही है।

वित्त वर्ष 2025-26 में 12.3 करोड़ लोगों ने इंडिगो की उड़ानों में सफर किया। पिछले 20 साल में यात्रियों की कुल संख्या 88 करोड़ थी।

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