मुंबई , जून 20 -- इंटरनेशनल फादर्स डे के अवसर पर सोनी सब के लोकप्रिय कलाकारों ने अपने पिताओं से मिली प्रेरणादायक सीखों और यादों को साझा किया। कलाकारों ने बताया कि उनके पिता न केवल जीवन के पहले शिक्षक रहे, बल्कि कठिन समय में मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और सबसे बड़े समर्थक भी बने।
सोनी सब के धारावाहिक यादें में डॉ. देव मेहता की भूमिका निभा रहे इक़बाल खान ने कहा कि दो बेटियों के पिता बनने के बाद उन्होंने अपने पिता के त्याग और जिम्मेदारियों को और बेहतर ढंग से समझा है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें ईमानदारी, धैर्य और दूसरों के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों की सीख दी, जो आज भी उनके जीवन का आधार हैं।
इसी धारावाहिक में डिग्गी की भूमिका निभा रहे अर्जुन पुंज ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि उनके पिता ने हमेशा उनकी बातों को महत्व दिया और उन्हें आत्मविश्वास दिया। उन्होंने कहा कि पिता बनने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि बच्चों के साथ बिताए गए छोटे-छोटे पल ही सबसे अधिक मायने रखते हैं।
पुष्पा इम्पॉसिबल में शनाया का किरदार निभा रहीं मुस्कान बामने ने कहा कि उनके पिता ने हमेशा उनमें विश्वास जताया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। वहीं, चिराग पटेल की भूमिका निभा रहे नितिन बाबू ने बताया कि उनके पिता ने शब्दों से अधिक अपने कर्मों के जरिए उन्हें जिम्मेदारी और निरंतरता का महत्व सिखाया।
हस्तिनापुर के वीर में भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे मनीष वाधवा ने कहा कि पिता होने का अनुभव उन्हें वास्तविक जीवन और पर्दे दोनों पर जिम्मेदारी और समर्पण का महत्व सिखाता है। उन्होंने अपने पिता को परिवार के प्रति समर्पण का आदर्श बताया।
वहीं, हस्तिनापुर के वीर में कुंती का किरदार निभा रहीं तोरल रसपुत्रा ने कहा कि उनके पिता की निःशब्द मौजूदगी और समर्थन ने उन्हें हमेशा आत्मविश्वास दिया। उन्होंने कहा कि आज उनके व्यक्तित्व में जो आत्मविश्वास है, वह उनके पिता के भरोसे और त्याग का परिणाम है।
कलाकारों ने इस अवसर पर सभी पिताओं को फादर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रेम, त्याग और मार्गदर्शन को नमन किया।
यादें, हस्तिनापुर के वीर और पुष्पा इम्पॉसिबल का प्रसारण सोनी सब पर किया जा रहा है।
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