प्रयागराज , जुलाई 31 -- उत्तर प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को प्रयागराज में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति के पुनरुद्धार एवं संवर्धन के साथ-साथ प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रमुख उद्देश्य आस्था के केंद्रों का विकास और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने बताया कि बैठक में विभाग की संचालित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रयागराज सरकार की प्राथमिकता वाले जिलों में शामिल है और यहां पर्यटन एवं धार्मिक विकास से जुड़ी 30 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कांवड़ यात्रा के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उनका कहना था कि कांवड़ियों की यात्रा सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं तथा पूर्व वर्षों की तरह इस वर्ष भी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

भदोही जिले का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने के राज्य सरकार के निर्णय पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी के जवाब में मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में कन्नौज के डॉ. भीमराव अंबेडकर मेडिकल कॉलेज तथा संत रविदास नगर का नाम बदलने का निर्णय लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने दलित समाज की भावनाओं का सम्मान नहीं किया, जबकि वर्तमान सरकार संत रविदास सहित सामाजिक एवं आध्यात्मिक महापुरुषों के सम्मान और उनके नामों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है।

मौलाना जर्जिस की भगवान शिव को लेकर कथित विवादित टिप्पणी पर मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे बयान समाज में वैमनस्य फैलाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं करेगी और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में दंगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।

प्रियंका गांधी द्वारा प्रोफेसर वी.के. कामकोटि को लेकर दिए गए कथित बयान से जुड़े प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि यह विपक्ष का राजनीतिक दृष्टिकोण है और उन्होंने गांधी परिवार की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की। पेपर लीक रोकने के उद्देश्य से संसद से पारित परीक्षा संबंधी संशोधन विधेयक पर मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए कठोर कानून लेकर आई है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया है। उनके अनुसार लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून लागू हो जाएगा, जिससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत होगी।

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