चंडीगढ़ , अक्टूबर 27 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से श्री करतारपुर साहिब गलियारे को फिर खोलने और सिख श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि आस्था के मामलों को राजनीतिक विचारों से ऊपर रखा जाना चाहिए और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओंका सम्मान होना चाहिए। पंजाब विधानसभा ने भी गलियारा खोलने और दर्शन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए केंद्र सेकदम उठाने का आग्रह करते हुए प्रस्ताव पारित किया।

सदन में श्री मान ने कहा कि धार्मिक आस्था को संकीर्ण राजनीतिक हितों का शिकार नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक आकांक्षाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और श्री करतारपुर साहिब गलियारा फिर खोला जाना चाहिए, ताकि संगत बिना किसी बाधा के दर्शन कर सके।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की ओर से पेश प्रस्ताव में केंद्र सरकार से गलियारे को तत्काल खोलने, इसे नियमित रूप से चालू रखने और यात्रा संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की गई। प्रस्ताव में पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर तक श्रद्धालुओं की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया गया।

प्रस्ताव में कहा गया कि यह गलियारा भारत और पाकिस्तान के बीच केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय रिश्तों से जुड़ा विषय है। इसके बंद रहने और आवाजाही में रुकावटों से दुनियाभर के सिख श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं और वे पवित्र गुरुद्वारे के दर्शन से वंचित रह जाते हैं।

श्री बैंस ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया और 'किरत करो, नाम जपो ते वंड छको' का संदेश दिया। उन्होंने गलियारे को उस पवित्र धरती से सिख संगत को जोड़ने वाला माध्यम बताया, जहां गुरु साहिब ने मानवता को समानता, सेवा और भाईचारे की सीख दी।

प्रस्ताव में केंद्र से विशेष रूप से बुजुर्गों और अस्वस्थ श्रद्धालुओं के लिए यात्रा प्रक्रिया सरल बनाने की मांग की गई, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक सकें।

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