कौशांबी , जुलाई 05 -- देश की 51 शक्तिपीठों में शामिल शीतला देवीधाम कड़ा में अनादिकाल से आयोजित होने वाला आषाढ़ शीतला अष्टमी मेला सुरक्षित और शांति पूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा तैयारी पूरी कर ली गई है।
सूत्रों के अनुसार पांच दिवसीय आषाढ़ मेला रविवार मध्य रात्रि के बाद से शुरू होकर अष्टमी तिथि को संपन्न होगा। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु खरीफ की फसल की बुवाई की शुरुआत करने से पूर्व मां शीतला देवी का दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। फिर अपनी खेती-बाड़ी की शुरुआत करते हैं।
मान्यता है कि आषाढ़ अष्टमी मेला में जो श्रद्धालुकड़ा धाम पहुंचकर पवित्र पावनी गंगा स्नान करनेके मां शीतला देवी के मंदिर में पहुंचकर उनके चरणों में माथा टेकता है। उसकी भव बधाएं दूर हो जाती हैं। और मनोवांछित फल की प्राप्त होती है। इस पांच दिवसीय आषाढ़ मेला में सप्तमी और अष्टमी को लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के संभावना को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी किया है।
कुबरी गंगा घाट, कालेश्वर घाट, हनुमान घाट में स्टीमर और जल पुलिस के अलावा गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। जिससे श्रद्धालु सरक्षित स्नान कर सके। गंगा घाटों में भारी संख्या में पुलिस एवं होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। गंगा घाट से लेकर मां शीतला देवी के मंदिर तक चप्पे-चप्पे में पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है। मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
बाहर से आने वाले वाहनों के पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थानों में यात्रियों की सुविधा के अनुसार व्यवस्था की गई है। आषाढ़ मेले में प्रयागराज, मिर्जापुर, बाराबंकी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, चित्रकूट, के अलावा प्रदेश भर से श्रद्धालु देवी दर्शनके लिए आते हैं। पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र वह अन्य राज्यों से शीतला देवी दर्शन के लिए श्रद्धालु कड़ा धाम आते हैं।
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