जयपुर , जुलाई 07 -- राजस्थान प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि जिन लोगों की भगवान राम और राम मंदिर के प्रति कभी आस्था नहीं रही, वे आज मंदिर की व्यवस्था पर प्रश्न उठा रहे हैं।
श्री राठौड़ ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि जिन्होंने कभी राम मंदिर निर्माण का समर्थन नहीं किया, अदालत में भगवान राम के अस्तित्व को लेकर ही शपथ पत्र दिया, वे प्रश्न उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मंदिर की सभी संपत्तियां और चढ़ावा सुरक्षित हैं। ट्रस्ट ने सभी संपत्तियों को प्रदर्शित भी किया है।
उन्होंने कहा कि यह आस्था का विषय है और यदि किसी स्तर पर किसी व्यक्ति द्वारा कोई अनियमितता की गई होगी तो कानून अपना काम करेगा तथा दोषी को दंड मिलेगा। ऐसे मामलों में अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप उचित नहीं है।
श्री राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें पहले अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री गहलोत अपने कार्यकाल में पानी, बिजली, पेपरलीक, प्रशासन और सरकार के बीच चली खींचतान पर बोलने के बजाय अनर्गल बयानबाजी कर रहे है। भाजपा और करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर राजनीति करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जायेगा। राम मंदिर के प्रति जिन लोगों ने श्रद्धा और सहयोग दिया है, उन्हें प्रश्न पूछने का नैतिक अधिकार है, लेकिन जिन्होंने मंदिर निर्माण का विरोध किया, वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं। जनता इस राजनीति को भली-भांति समझती है।
श्री राठौड़ ने कहा कि पूर्व ट्रस्टी पूरी तरह निष्कलंक रहे हैं और चंपत राय पर किसी प्रकार का प्रश्न चिह्न नहीं लगाया जा सकता। यदि किसी निचले स्तर पर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और भाजपा इस आस्था का सम्मान करती है।
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