पटना , फ़रवरी 27 -- बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कार्यरत 5600 से अधिक आवास कर्मियों के लंबित मानदेय के भुगतान के लिये 42 करोड़ रुपये की निकासी की स्वीकृति प्रदान की है।
प्रशासनिक मद में राशि की कमी के कारण योजना के अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन से जुड़े संविदा कर्मियों का मानदेय अगस्त, 2025 से लंबित था। इससे संबंधित कर्मियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था तथा योजना के संचालन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। विभाग द्वारा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित निर्णय लेते हुए मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है।
इस स्वीकृति के तहत ग्रामीण आवास सहायक, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, प्रखंड लेखापाल/लेखा सहायक तथा जिलों में कार्यरत प्रोग्रामर एवं कार्यपालक सहायकों को तीन माह का मानदेय भुगतान किया जाएगा। इसके लिये बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाईटी (बीआरडीएस) स्तर से सभी आवश्यक तैयारी की जा रही है।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा कर्मियों के मानदेय भुगतान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। हमारे आवास कर्मी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सफल क्रियान्वयन की रीढ़ हैं। विभाग उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और भविष्य में भी किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित