इटानगर , मार्च 31 -- कर्नाटक से 12 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम अरुणाचल प्रदेश के तिराप जिले के डियोमाली पहुंची है जिसका मकसद पिछले दो वर्षों से तिराप जिले में कई लोगों की मौत का कारण बने आवारा हाथी को ट्रैक करके उसे पकड़ना और दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना है।
इस हाथी ने एक पूर्व विधायक की भी हत्या कर दी थी, जो सुबह की सैर के दौरान हमले का शिकार हुए थे।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी और हाथी विशेषज्ञ डॉ. रमेश एच के नेतृत्व वाली इस टीम में ट्रैंकुलाइजेशन विशेषज्ञ (हाथी को बेहोश करने), वन्यजीव निगरानी और कर्नाटक के हाथी शिविरों से प्रशिक्षित महावत शामिल हैं। ऑपरेशन में कुम्की हाथियों और थर्मल ड्रोनों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि हाथी का सुरक्षित ट्रैकिंग और कैप्चर किया जा सके।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस आवारा हाथी से जुड़ी कई दुखद घटनाओं के बाद यह अभियान और तेज कर दिया गया है, जिससे डियोमाली क्षेत्र के निवासियों में भय व्याप्त है। पूर्व विधायक कपचेन राजकुमार की मौत ने क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष को हल करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
सोमवार को टीम का स्वागत करते हुए डियोमाली के रेंज फॉरेस्ट अधिकारी (आरएफओ) दिवांग लोवांग ने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे सतर्क रहें और हाथी के दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जनता का सहयोग बहुत जरूरी है।
डियोमाली के डिविजनल फॉरेस्ट अधिकारी (डीएफओ) ने वन एवं पर्यावरण मंत्री वांगकी लोवांग का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने वन्यजीव विशेषज्ञों और सहायक टीमों को डियोमाली वन क्षेत्र से आवारा हाथी को स्थानांतरित करने में मदद के लिए भेजने की व्यवस्था की।
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