मुरैना , मार्च 2 -- मध्यप्रदेश के मुरैना शहर में आवारा गौवंश और श्वानों के झुंड के भय से लोगों ने होलिका दहन के ऐन वक्त तक अपने घरों के बाहर पारंपरिक रूप से गोबर से बनाई जाने वाली गुलरियों की होली नहीं सजाई। लोगों को आशंका थी कि कहीं आवारा पशु सजी हुई होली को नुकसान न पहुंचा दें।

जानकारी के अनुसार शहर और गलियों में लंबे समय से आवारा गौवंश और श्वानों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे कई बार अव्यवस्था की स्थिति बनती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक इन पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भेजने की ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

इसी कारण होलिका दहन के अवसर पर दिनभर घरों के बाहर पारंपरिक गुलरियों की होली सजी हुई दिखाई नहीं दी। लोग बड़ी होली के दहन का मुहूर्त पूछते नजर आए, क्योंकि परंपरा के अनुसार मोहल्ले की बड़ी होली की अग्नि से ही घरों में रखी गुलरियों की होली का दहन किया जाता है।

होलिका दहन के निर्धारित मुहूर्त से ठीक पहले लोग अपने-अपने घरों के बाहर होली सजाने की तैयारी में जुटे दिखाई दिए, ताकि परंपरा भी निभे और सजी हुई होली को किसी प्रकार का नुकसान भी न पहुंचे।

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